BNT Desk: जोमैटो से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। कंपनी के फाउंडर और ग्रुप CEO दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। वे 1 फरवरी 2026 से ग्रुप CEO की जिम्मेदारी छोड़ देंगे। हालांकि, वे कंपनी से पूरी तरह नाता नहीं तोड़ रहे हैं; शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद वे वाइस चेयरमैन के तौर पर कंपनी के साथ जुड़े रहेंगे। उनकी जगह अब अलबिंदर ढिंढसा को इटरनल का नया ग्रुप CEO बनाया जाएगा।
क्यों लिया दीपिंदर गोयल ने यह बड़ा फैसला?
दीपिंदर गोयल ने इस बदलाव के पीछे की एक बेहद दिलचस्प वजह बताई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से उनका मन कुछ नए और अलग तरह के आइडियाज पर काम करने का है। इन नए प्रोजेक्ट्स में जोखिम (Risk) और नए प्रयोग (Experiments) ज्यादा हैं। गोयल का मानना है कि जो कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड होती है, उसके दायरे में रहकर ऐसे बड़े रिस्क लेना सही नहीं होता। इसलिए, वे कंपनी के बाहर रहकर इन नए आइडियाज पर खुलकर काम करना चाहते हैं। यह फैसला एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है ताकि भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर बेहतर तरीके से फोकस किया जा सके।
कंपनी को हुआ बम्पर मुनाफा, शेयर रॉकेट बने
इस बड़े इस्तीफे के बीच कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि जोमैटो (इटरनल) के मुनाफे में जबरदस्त उछाल आया है। बुधवार (21 जनवरी 2026) को जारी हुए नतीजों के मुताबिक, अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (Q3) में कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) 73% बढ़कर ₹102 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल इसी समय ₹59 करोड़ था। कंपनी की कमाई (Revenue) में भी 201% की भारी बढ़त देखी गई है। इस शानदार प्रदर्शन की वजह से आज जोमैटो के शेयर 6% तक चढ़ गए और ₹283.40 के भाव पर बंद हुए।
क्विक कॉमर्स और ब्लिंकिट ने बदली किस्मत
कंपनी की इस कामयाबी के पीछे ‘ब्लिंकिट’ (Blinkit) और ‘क्विक कॉमर्स’ सेगमेंट का हाथ सबसे ज्यादा है। लोगों के बीच तेजी से सामान मंगवाने का बढ़ता क्रेज कंपनी के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है। नए ग्रुप CEO अलबिंदर ढिंढसा के सामने अब इस ग्रोथ को और आगे ले जाने की चुनौती होगी। बाजार के जानकारों का मानना है कि दीपिंदर गोयल का वाइस चेयरमैन बने रहना कंपनी के लिए भरोसे की बात है, जबकि नए CEO के आने से मैनेजमेंट में नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है।