टाटा ग्रुप की कंपनी तेज़स नेटवर्क्स को बड़ा घाटा, BSNL के ऑर्डर में देरी बनी मुख्य वजह

टाटा ग्रुप की तेजस नेटवर्क्स को BSNL ऑर्डर में देरी के कारण दूसरी तिमाही में 196.55 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जिससे रेवेन्यू भी भारी गिरा। हालांकि, रेलवे, प्राइवेट 5G प्रोजेक्ट्स और PLI इंसेंटिव से आगे सुधार की उम्मीद है।

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BNT Desk: टाटा ग्रुप की टेलीकॉम उपकरण बनाने वाली कंपनी तेज़स नेटवर्क्स (Tejas Networks) के लिए पिछला कुछ समय काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें उसे भारी घाटा उठाना पड़ा है। आखिर क्यों गिरे कंपनी के शेयर और क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।

भारी घाटे में डूबी कंपनी.

तेज़स नेटवर्क्स ने बताया कि इस तिमाही में उसे 196.55 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। यह खबर निवेशकों के लिए काफी चौंकाने वाली है, क्योंकि पिछले साल इसी समय कंपनी ने 165.67 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। अगर कमाई की बात करें, तो कंपनी का रेवेन्यू करीब 88% गिरकर सिर्फ 306.79 करोड़ रुपये रह गया है, जो पिछले साल 2,642 करोड़ रुपये के करीब था।

आखिर क्यों बिगड़े हालात?

इस भारी नुकसान के पीछे सबसे बड़ी वजह सरकारी कंपनी BSNL से मिलने वाले खरीद ऑर्डर का टलना बताया जा रहा है। कंपनी BSNL के 4G नेटवर्क के लिए मुख्य वेंडर है। इस तिमाही के दौरान BSNL से 18,000 साइट्स के लिए मिलने वाला 1526 करोड़ रुपये का ऑर्डर लेट हो गया, जिसका सीधा असर कंपनी की बैलेंस शीट पर पड़ा। हालांकि, कंपनी ने दिसंबर 2025 की तिमाही के लिए 2363 करोड़ रुपये की इन्वेंट्री तैयार रखी है, जिसे आने वाले महीनों में शिप किया जाएगा।

रेलवे और 5G से जगी नई उम्मीद

घाटे के बीच कुछ अच्छी खबरें भी हैं। तेज़स नेटवर्क्स को भारत में पोर्ट्स और माइंस के लिए प्राइवेट 5G डिप्लॉयमेंट के कई नए ऑर्डर मिले हैं। इसके अलावा, इंडियन रेलवे के सुरक्षा सिस्टम ‘कवच’ के लिए दिल्ली-मुंबई रेलवे कॉरिडोर पर कंपनी को 5G रेडियो नेटवर्क सप्लायर के तौर पर चुना गया है। सरकार की तरफ से भी कंपनी को बड़ी राहत मिली है, जहाँ उसे 84.95 करोड़ रुपये का PLI इंसेंटिव मिला है।

शेयर बाजार में मची हलचल

खराब नतीजों का असर सीधा कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिला। शुक्रवार को तेज़स नेटवर्क्स का शेयर 5.68% टूटकर 416.70 रुपये पर बंद हुआ। गौर करने वाली बात यह है कि जनवरी 2025 में यही शेयर 1,150 रुपये के अपने ऑल-टाइम हाई पर था, लेकिन अब यह अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर (410 रुपये) के करीब पहुंच गया है। अब देखना यह होगा कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी इस घाटे से कैसे उबर पाती है।

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