BNT Desk: सरकारी तेल कंपनी ONGC और मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। इस खबर के आते ही शेयर बाजार में हलचल मच गई और ONGC के शेयरों में करीब 8% तक का जबरदस्त उछाल देखा गया। दोनों दिग्गज कंपनियां अब भारत के पूर्वी तट (Eastern Coast) पर गहरे समंदर में तेल और गैस की खोज और उत्पादन के लिए मिलकर काम करेंगी। यह साझेदारी मुख्य रूप से कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन और अंडमान के उन समुद्री इलाकों के लिए है, जहाँ से तेल निकालना तकनीकी रूप से बहुत मुश्किल और महंगा माना जाता है।
क्यों खास है यह साझेदारी?
गहरे पानी (Deepwater) में ड्रिलिंग करना कोई आसान काम नहीं है। इसमें इस्तेमाल होने वाले भारी-भरकम जहाज, ड्रिलिंग रिग्स और पाइपलाइन की कीमत अरबों में होती है। ONGC ने साफ किया है कि इस समझौते का मुख्य उद्देश्य लागत को कम करना और काम की रफ्तार बढ़ाना है। अब दोनों कंपनियां एक-दूसरे के संसाधनों (Resources) का इस्तेमाल कर सकेंगी। इसका मतलब है कि अब अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में पैसा बर्बाद नहीं होगा, जिससे न केवल खर्च घटेगा बल्कि प्रोजेक्ट्स भी समय पर पूरे हो सकेंगे।
नए कानून ने बदली तस्वीर
यह पूरा तालमेल सरकार के ऑयलफील्ड्स अमेंडमेंट एक्ट, 2025 की वजह से मुमकिन हो पाया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने हाल ही में इस कानून को लागू किया था, जिसका मकसद ही यही है कि तेल और गैस कंपनियां अपने संसाधनों को आपस में साझा कर सकें। इस कानून के तहत अब ये दोनों कंपनियां ड्रिलिंग रिग्स, प्रोसेसिंग यूनिट्स, पावर सप्लाई और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम जैसी सुविधाओं को एक-दूसरे के साथ शेयर करेंगी, जिससे ऑपरेशनल सेफ्टी भी काफी बेहतर होगी।
बाजार में निवेशकों की चांदी
इस साझेदारी की खबर लगते ही निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। दोपहर करीब 12:10 बजे जहाँ ONGC का शेयर 7.6% ऊपर था, वहीं रिलायंस का शेयर भी 1.4% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी इस तेजी को सपोर्ट दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस हाथ मिलाने से भविष्य में ONGC का मुनाफा बढ़ेगा और लागत कम होगी। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इन कंपनियों के शेयरों में और भी मजबूती देखने को मिल सकती है।