पटेल इंजीनियरिंग ने अरुणाचल प्रोजेक्ट संभाला

पटेल इंजीनियरिंग ने अरुणाचल प्रदेश के गोंगड़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए। ₹1,700 करोड़ की लागत और 144 MW क्षमता वाली परियोजना को 4 साल में पूरा किया जाएगा। BOOT मॉडल के तहत कंपनी इसे 40 साल तक संचालित करेगी।

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BNT Desk: नई दिल्ली/ईटानगर: इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड ने अरुणाचल प्रदेश सरकार के1 साथ 144 मेगावाट क्षमता वाले गोंगड़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए। यह परियोजना राज्य की नई जलविद्युत नीति के तहत पुनर्जीवित की गई है और इसे BOOT मॉडल के तहत 40 वर्षों तक संचालित किया जाएगा, उसके बाद यह राज्य सरकार को सौंपा जाएगा।

प्रोजेक्ट का आकार और लागत

गोंगड़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का निर्माण ₹1,700 करोड़ की अनुमानित लागत से किया जाएगा और इसे पूरा करने में लगभग 4 साल का समय लगेगा। यह प्रोजेक्ट पहले रद्द किया गया था, लेकिन नई नीति “अरुणाचल प्रदेश में विशेष परिस्थितियों में समाप्त की गई वृहद जलविद्युत नीति की बहाली, 2025” के तहत इसे बहाल किया गया है। यह परियोजना राज्य का पहला हाइड्रो प्रोजेक्ट है जो इस नई नीति के तहत शुरू हो रहा है।

पटेल इंजीनियरिंग की जिम्मेदारी और भूमिका

MoU के तहत कंपनी की जिम्मेदारी में शामिल हैं: डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना, इंजीनियरिंग और डिजाइन करना, डैम और पावरहाउस का निर्माण, टर्बाइन-जेनरेटर इंस्टॉलेशन और ट्रांसमिशन लाइन बिछाना। कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर कविता शिरवाइकर ने कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल कंपनी की सस्टेनेबल डेवलपमेंट प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा करेगा।

शेयर बाजार पर प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं

इस प्रोजेक्ट की घोषणा का सकारात्मक असर कंपनी के शेयरों पर भी देखा गया। गुरुवार को पटेल इंजीनियरिंग के शेयर 2% बढ़कर ₹31.40 तक पहुंचे। हालांकि, पिछले छह महीनों में स्टॉक में करीब 20% की गिरावट आई थी, ऐसे में यह नया ऑर्डर निवेशकों के लिए उम्मीद की किरण साबित हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि गोंगड़ी प्रोजेक्ट न केवल कंपनी की स्थिति मजबूत करेगा, बल्कि अरुणाचल प्रदेश में हाइड्रो पावर क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा देगा।

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