BNT Desk: सोमवार, 2 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Larsen & Toubro (L&T) के शेयरों में करीब 6% की गिरावट दर्ज की गई। एनएसई पर कंपनी का शेयर गिरकर लगभग ₹4,017 तक पहुंच गया। इस गिरावट की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है, जिसने वैश्विक बाजारों को चिंतित कर दिया है।
मिडिल ईस्ट में क्यों बढ़ा तनाव?
शनिवार से हालात अचानक बिगड़ गए जब United States और Israel ने मिलकर Iran पर सैन्य हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत की खबर से हालात और गंभीर हो गए। इसके बाद इजरायल ने तेहरान पर दोबारा हमले किए और ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस तेजी से बढ़ते संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है।
निवेशकों की चिंता क्यों बढ़ी?
मिडिल ईस्ट में अस्थिरता का असर सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव शुरू हो गया है और निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प जैसे सोने की ओर रुख कर रहे हैं। L&T के शेयर इसलिए ज्यादा प्रभावित हुए क्योंकि कंपनी का बड़ा कारोबार मिडिल ईस्ट में है।
L&T को कितना जोखिम?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रोकरेज फर्म JM Financial के अनुमान के मुताबिक L&T की लगभग 37% ऑर्डर बुक मिडिल ईस्ट से जुड़ी है। वहीं चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में करीब 33% नए ऑर्डर भी इसी क्षेत्र से आए हैं। ऐसे में यदि क्षेत्र में तनाव बढ़ता है या प्रोजेक्ट प्रभावित होते हैं, तो कंपनी की कमाई और भविष्य के ऑर्डर पर असर पड़ सकता है।
कंपनी का प्रोफाइल
L&T एक बहुराष्ट्रीय कंपनी है जो इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और सेवाओं में काम करती है। कंपनी 50 से अधिक देशों में सक्रिय है और भारत सहित आठ देशों में इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। डिजाइन से लेकर डिलीवरी तक की एकीकृत क्षमता और लंबे अनुभव के कारण कंपनी ने कई बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं।
आगे क्या?
फिलहाल बाजार की नजर मिडिल ईस्ट के हालात पर टिकी है। यदि तनाव और बढ़ता है तो शेयर में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को सतर्क रहकर फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।