BNT Desk: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने शनिवार को बिहार की एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी का कहना है कि महिलाओं के लिए बनाई गई योजना के तहत भेजी गई 10,000 रुपये की राशि गलती से कई पुरुषों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई। आरजेडी ने इसे जल्दबाजी में किया गया “वोट खरीदने का असफल प्रयास” बताया है।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना
यह राशि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत भेजी गई थी। इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 सितंबर 2025 को की थी, जो बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से कुछ हफ्ते पहले हुई। योजना के तहत जीविका से जुड़ी लाखों महिलाओं को एक बार 10,000 रुपये देने का प्रावधान है। चुनाव के बाद हुए विश्लेषण में इस योजना को “गेमचेंजर” बताया गया और कहा गया कि इससे एनडीए को 243 में से 200 से ज्यादा सीटें जीतने में मदद मिली।
आरजेडी का दावा और सबूत
आरजेडी का आरोप है कि सत्ता हासिल करने की हड़बड़ी में सरकार और अधिकारियों ने राशि गलत लाभार्थियों के खातों में डाल दी। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार की घबराहट इतनी ज्यादा थी कि महिलाओं की जगह पुरुषों को पैसे भेज दिए गए। अपने दावे के समर्थन में आरजेडी ने एक कथित पत्र का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें लाभार्थियों से राशि वापस करने को कहा गया है।
राशि वापसी पर तंज
आरजेडी ने सरकार का मजाक उड़ाते हुए कहा कि अब अधिकारी पैसे वापस लेने के लिए परेशान हैं। पार्टी का कहना है कि बिहार में महंगाई, बेरोजगारी और पलायन इतना ज्यादा है कि खाते में पैसा आते ही लोग उसे खर्च कर चुके होंगे। ऐसे में राशि वापस मिलना मुश्किल है।
चुनावी प्रक्रिया पर आरोप
आरजेडी ने एनडीए पर चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। पार्टी ने ईवीएम में गड़बड़ी, वोट खरीदने, चुनाव में धांधली और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग जैसे आरोप दोहराए। आरजेडी का कहना है कि सच्चाई एक दिन सामने आएगी।