अवैध खनन पर विजय सिन्हा का वार! सूचना देने वाले को 10 हज़ार का इनाम, थानेदारों की तय हुई जवाबदेही

बिहार में अवैध खनन रोकने के लिए डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने सूचना देने वाले को ₹10,000 का इनाम देने का ऐलान किया है, साथ ही थानेदारों की जवाबदेही भी तय कर दी है। अवैध कारोबारियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है।

BNT
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बिहार में अवैध बालू खनन और इससे जुड़े भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए अब डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने ज़बरदस्त ऐक्शन लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि गैरकानूनी तरीके से बालू निकालने और बेचने वालों की अब खैर नहीं है।

इनाम का ऐलान और सख्त रुख

पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विजय सिन्हा ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति अवैध खनन की पक्की जानकारी देगा, उसे 10,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस कदम का मकसद आम जनता को इस लड़ाई में भागीदार बनाना है। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि अवैध काम में शामिल किसी भी माफिया या सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने अपनी खनन नीति में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन सख्ती को कई गुना बढ़ा दिया है।

थानेदारों की अब होगी जवाबदेही

अवैध खनन के खेल में पुलिस की कथित मिलीभगत पर भी डिप्टी सीएम ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अब थानेदारों की जवाबदेही तय की गई है। मतलब, अगर किसी थाना क्षेत्र में अवैध बालू की बिक्री या ढुलाई पकड़ी जाती है, तो वहां के अधिकारी और पुलिस पर कार्रवाई होगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि जिन रास्तों से बालू लदे ट्रैक्टर गुज़रते हैं, उन सभी जगहों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं। अगर किसी भी थाना प्रभारी की लापरवाही या मिलीभगत साबित हुई, तो उसे तुरंत सज़ा मिलेगी।

अवैध बिक्री पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

विजय सिन्हा ने हाल ही में हुई कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि दीघा और पाटलिपुत्र रेल परिसर के पास अवैध तरीके से बालू बेची जा रही थी, जिस पर विभाग ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने बताया कि 28 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं और 32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, डोरीगंज से जब्त की गई 3000 ट्रक बालू की जल्द ही नीलामी की जाएगी।

छोटे लोगों को नहीं, माफिया को निशाना

डिप्टी सीएम ने साफ किया कि सरकार का निशाना आम जनता नहीं, बल्कि अवैध कारोबारियों पर है। उन्होंने कहा कि अगर कोई किसान या व्यक्ति अपनी ज़मीन से मिट्टी अपने निजी उपयोग के लिए ले जाता है, तो उसे परेशान नहीं किया जाएगा। सरकार का पूरा फोकस बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध बालू खनन रैकेट को खत्म करने पर है।

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