बिहार में सार्वजनिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। राज्य में केवल 2 प्रतिशत वाहनों में ही वीएलटीडी (VLT – Vehicle Location Tracking) सिस्टम लगा हुआ है। इसके अलावा, कई वाहन बिना रिचार्ज किए हुए ट्रैकिंग सिस्टम के साथ सड़क पर दौड़ रहे हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। यह स्थिति विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए चिंता का कारण बन रही है।
परिवहन मंत्री का सख्त आदेश
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 दिसंबर 2025 तक सभी सार्वजनिक वाहनों में VLT सिस्टम लगवाना और समय-समय पर रिचार्ज कराना अनिवार्य होगा। इसके पालन में देरी या अनदेखी करने वालों के खिलाफ 1 जनवरी 2026 से कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों पर विभाग कार्रवाई करेगा।
फिटनेस सर्टिफिकेट से जुड़े नियम
मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बिना ट्रैकिंग सिस्टम वाले सार्वजनिक वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा। VLT और पैनिक बटन जैसी तकनीकें यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं। ये सिस्टम वाहन की ओवरस्पीड रोकने और आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने में सक्षम हैं। ऐसे कदम से सड़क हादसों और अपराध की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
सरकार का संदेश साफ
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि लापरवाही बरतने वाले वाहन मालिकों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है। सरकार का संदेश स्पष्ट है—सभी नियमों का पालन करें, अन्यथा कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई होगी। यह पहल राज्य में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा बढ़ाने और यात्रियों को सुरक्षित अनुभव देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।