तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती पर सियासी तकरार

तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। राजद ने इसे बदले की भावना बताया, जबकि जेडीयू ने कहा कि सुरक्षा का आकलन गृह विभाग पद और जरूरत के आधार पर करता है।

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BNT Desk: बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राजद की ओर से इस फैसले को बदले की भावना और घृणा से प्रेरित बताया गया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि यह कदम सत्ता में बैठे लोगों के डर को दिखाता है, क्योंकि तेजस्वी यादव लगातार सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हैं।

राजद का आरोप: बदले और डर की राजनीति

शक्ति यादव ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ सत्तापक्ष के नेताओं की सुरक्षा बढ़ा रही है, जबकि विपक्ष के नेताओं को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की बेबाक आवाज से सत्ता पक्ष घबराया हुआ है। यही कारण है कि उनकी सुरक्षा में कटौती की गई। उन्होंने इसे “मानव दुश्मन की भावना” बताते हुए कहा कि इस तरह की निम्न स्तर की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

जेडीयू का जवाब: गृह विभाग करता है आकलन

वहीं, जेडीयू ने राजद के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कितनी सुरक्षा मिलेगी, इसका फैसला गृह विभाग करता है। यह आकलन व्यक्ति के पद और सुरक्षा इनपुट के आधार पर होता है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की सुरक्षा में बदलाव को लेकर राजद बेवजह हंगामा कर रहा है।

पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद: जेडीयू

अभिषेक झा ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राजद ने इस तरह की प्रतिक्रिया दी हो। उन्होंने याद दिलाया कि जब राबड़ी देवी को आवास खाली करने का नोटिस मिला था, तब भी राजद नेताओं की ओर से ऐसे ही बयान आए थे। झा ने कहा कि समस्या फैसलों में नहीं, बल्कि राजद नेताओं की सोच में है, जो हर प्रशासनिक निर्णय को राजनीति से जोड़कर देखती है।

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