BNT Desk: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आज व्हीलचेयर पर दिखाई दिए। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केवल रटा-रटाया भाषण था। उनका तंज था कि सरकार जो लिखकर देती है, वही राज्यपाल बोलते हैं। तेजस्वी ने इसे गंभीर राजनीतिक मुद्दा बताते हुए सदन में अपनी आलोचना रखी।
बजट पर तेजस्वी का सवाल
तेजस्वी यादव ने बिहार के बजट को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य का बजट जनता के वास्तविक हित को ध्यान में नहीं रखता। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी तंज कसा। उनका कहना था कि बिहार सरकार और केंद्र की नीतियां आम जनता के लिए पर्याप्त नहीं हैं और बजट में वास्तविक बदलाव की जरूरत है।
चुनाव और साड़ी का तंज
तेजस्वी यादव ने चुनावी राजनीति में भी हल्के-फुल्के तंज दिए। उन्होंने कहा कि पिछली बार बिहार चुनाव के दौरान उन्होंने मधुबनी की साड़ी पहनी थी और इस बार तमिलनाडु चुनाव के दौरान वहाँ की साड़ी पहनना उनकी परंपरा का हिस्सा है। यह बयान विधानसभा में हंसी और हल्की नोकझोंक का माहौल भी बना गया।
नीट और मुज़फ़्फ़रपुर मामले पर सीबीआई जाँच की मांग
नीट मामले में तेजस्वी ने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस इस मामले में विफल रही है, इसलिए इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। इसके पहले भी मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह हत्या कांड में सीबीआई जांच हुई थी, लेकिन उस मामले में न्याय सुनिश्चित नहीं हो पाया। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि क्या इस बार भी न्याय की प्रक्रिया पूरी होगी या फिर वही विफलता दोहराई जाएगी।
सदन में तेजस्वी का प्रभाव
सदन में तेजस्वी यादव की उपस्थिति और उनके तंज ने राजनीतिक बहस को जोरदार बना दिया। उनका कहना है कि जनता के सवालों और समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे शिक्षा, न्याय और बजट के प्रति सरकार की जवाबदेही को चुनौती देते हैं।