चुनावी नतीजों के बाद तेजस्वी का पहला बड़ा हमला: 100 दिन का वादा टूटा, सरकार पर साधा निशाना

पटना में कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती पर तेजस्वी यादव ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सरकार पर कड़ा हमला बोला। चुनावी नतीजों के बाद अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में जनता नहीं बल्कि 'तंत्र' जीता है। साथ ही, उन्होंने बिहार में बढ़ते अपराध और बेरोजगारी पर भी सवाल उठाए।

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BNT Desk:  बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पहली बार किसी सार्वजनिक मंच पर आए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बड़ा धमाका किया है। पटना लौटने पर तेजस्वी ने कहा था कि वे 100 दिनों तक सरकार के कामकाज पर कोई सवाल नहीं उठाएंगे, लेकिन आज जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती के मौके पर उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ दी। आरजेडी (RJD) प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में तेजस्वी ने न केवल सरकार की नाकामियों को गिनाया, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि वे झुकने वाले नहीं हैं और संघर्ष जारी रहेगा।

“जनता नहीं, तंत्र जीता है”: चुनाव नतीजों पर तेजस्वी का दर्द

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने 2025 के चुनाव परिणामों पर गहरा असंतोष जताया। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि इस चुनाव में जनता नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र जीता है। तेजस्वी ने कहा, “हमारे खिलाफ पूरा सिस्टम और बेईमान अधिकारी लगे थे। मीडिया का साथ भी हमें नहीं मिला, इसके बावजूद बिहार की जनता ने हमें 1.90 करोड़ वोट दिए। बिहार के 60 प्रतिशत मतदाता बदलाव चाहते थे, लेकिन साजिश के तहत हमें रोका गया।” उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जिस तरह कर्पूरी ठाकुर और लालू यादव को गालियां दी गईं, वैसे ही उन्हें भी निशाना बनाया जा रहा है, पर वे डरने वाले नहीं हैं।

बिहार की बदहाली और बढ़ते अपराध पर उठाए सवाल

तेजस्वी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि आज भी बिहार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मामले में देश का सबसे पिछड़ा राज्य बना हुआ है। उन्होंने सरकार के घोषणापत्र पर सवाल उठाते हुए पूछा कि महिलाओं को आर्थिक मदद और युवाओं को नौकरी कब मिलेगी? प्रदेश में बढ़ते अपराध का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने कहा, “बिहार में मासूम बच्चियों के साथ जो हो रहा है, उसे पूरी दुनिया देख रही है। लेकिन दुख की बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनके मंत्रियों ने इन घटनाओं पर एक ट्वीट तक करना जरूरी नहीं समझा।”

भाजपा और ‘परिवारवाद’ पर तीखा पलटवार

भाजपा नेताओं द्वारा लगाए जा रहे ‘अपराधी’ वाले आरोपों पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा, “भाजपा के नेता खुद को सबसे बड़ा विद्वान समझते हैं। अगर मैं अपराधी हूं, तो मुझे जेल में डाल दीजिए। मैं बाहर रहूं या अंदर, इन्हें हर बात से तकलीफ है।” परिवारवाद के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा को आईना दिखाते हुए कहा कि भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के पिता भी नेता रहे हैं, तो क्या वह परिवारवाद नहीं है? तेजस्वी ने पार्टी के अंदरूनी दुश्मनों को भी चेतावनी दी कि कुछ लोग पार्टी के भीतर रहकर भी खिलाफ काम कर रहे हैं।

मिशन 2026: अब बूथ स्तर पर होगी लड़ाई

अपने भाषण के अंत में तेजस्वी ने भविष्य की रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 2 फरवरी से संसद और बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है, जिसके बाद आरजेडी कार्यकर्ता हर जिले में जाएंगे। तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा, “हम कमजोर नहीं हैं, बस हमारा समय अभी कमजोर है। हम बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करेंगे और यह हमारे संघर्ष की बस शुरुआत है।”

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