BNT Desk: तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर अपने बेबाक बयानों से बिहार की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का विलय जनशक्ति जनता दल में कर देना चाहिए। तेज प्रताप का दावा है कि लालू प्रसाद यादव की “असली पार्टी” जनशक्ति जनता दल ही है और इसी वजह से लालू यादव भी उनके साथ आएंगे। यह बयान सीधे तौर पर राजद की वर्तमान नेतृत्व संरचना पर सवाल खड़ा करता है और परिवार के भीतर जारी सियासी खींचतान को भी उजागर करता है।
पद और भविष्य को लेकर क्या बोले तेज प्रताप
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें एमएलसी बनाया जा सकता है, तो तेज प्रताप यादव ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री बनाएंगे या एमएलसी, यह फैसला “वे लोग” जानें, लेकिन सही समय आने पर निर्णय लिया जाएगा। इस बयान से उन्होंने यह संकेत दिया कि वे किसी पद की दौड़ में जल्दबाज़ी नहीं करना चाहते और अपनी राजनीतिक रणनीति को वक्त के साथ आगे बढ़ाएंगे। उनके शब्दों में आत्मविश्वास और भविष्य की बड़ी योजना की झलक साफ दिखी।
राष्ट्रीय विस्तार का ऐलान
तेज प्रताप यादव ने यह भी ऐलान किया कि जनशक्ति जनता दल सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ेगी और ममता बनर्जी के खिलाफ मैदान में उतरेगी। इसके अलावा दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव लड़ने की भी तैयारी है। इन बयानों से यह स्पष्ट है कि तेज प्रताप अपनी पार्टी को राष्ट्रीय पहचान देने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
बिहार यात्रा और तेजस्वी का इंतजार
तेज प्रताप यादव ने कहा कि वे जल्द ही पूरे बिहार की यात्रा पर निकलेंगे, हालांकि यात्रा की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वे तेजस्वी यादव का रात 9 बजे तक इंतजार करेंगे। यह बयान राजनीतिक संदेश भी देता है और पारिवारिक रिश्तों में संवाद की गुंजाइश का संकेत भी। कुल मिलाकर, तेज प्रताप का रुख आने वाले समय में बिहार की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है।