मुजफ्फरपुर में मंगलवार की सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहाँ गोरखपुर से पाटलिपुत्र जा रही वंदे भारत ट्रेन (26502) पर मुसाफिरों के डर के बीच पत्थरबाजी की गई। यह घटना कपरपुरा स्टेशन और मुजफ्फरपुर जंक्शन के बीच, रेल लाइन के पास बारमदपुर गांव के नजदीक हुई।
क्या हुआ — रील बनाने की चाह ग्राही बन गई हादसे की वजह
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तीन किशोर रेलवे ट्रैक किनारे रील (Reels) बनाने के लिए मोबाइल के साथ खड़े थे, तभी उन्होंने ट्रेन के चलने पर पत्थर उठाकर ट्रेन पर फेंके। इस पथराव के कारण ट्रेन के तीन कोच – सी-7, सी-4 और ई-1 — की खिड़कियों के शीशे टूट गए। हालांकि किसी यात्री को कोई चोट नहीं लगी।
आरपीएफ की कार्रवाई और आरोपियों की स्थिति
घटना की सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) मुजफ्फरपुर ने तुरंत तीनों नाबालिगों को पकड़ लिया। पकड़े गए बच्चों की आयु लगभग 12 से 15 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इन किशोरों को जुवेनाइल कोर्ट (बाल न्याय बोर्ड) में पेश किया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रेल सुरक्षा पर सवाल और यात्रियों की प्रतिक्रिया
घटना ने एक बार फिर रेल सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं, खासकर जब युवा पथराव जैसा जोखिम भरा कार्य सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाने की वजह से करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता और सामाजिक जागरूकता दोनों जरूरी हैं ताकि भविष्य में ऐसे खतरनाक कृत्यों को रोका जा सके।