बिहार के भोजपुर जिले से सामने आए हवलदार हत्या कांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में पुलिस जांच के बाद जो सच सामने आया है, वह रिश्तों को शर्मसार करने वाला है। झारखंड पुलिस में तैनात हवलदार पशुपति नाथ तिवारी की बेरहमी से हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके इकलौते बेटे ने ही की थी। बेटे ने अपने दोस्त के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
जांच में बेटे पर गया शक, सच आया सामने
घटना भोजपुर जिले के चांदी थाना क्षेत्र की है। शुरुआत में मामला अज्ञात अपराधियों द्वारा हत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन तकनीकी जांच, कॉल डिटेल और पारिवारिक गतिविधियों की गहराई से जांच के बाद पुलिस का शक बेटे विशाल तिवारी पर गहराया। कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया और हत्या की पूरी साजिश उजागर हो गई।
रात में सोते पिता की बेरहमी से हत्या
आरोपी बेटे ने अपने दोस्त जीशान अहमद जिलानी के साथ मिलकर रात में सो रहे पिता का धारदार हथियार से गला रेत दिया। हत्या के बाद दोनों ने सबूत मिटाने की कोशिश की और खून से सने कपड़े व हथियार को सोन नदी में फेंक दिया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
नौकरी और मुआवजे का लालच बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की वजह बेहद शर्मनाक थी। आरोपी बेटे को उम्मीद थी कि पिता की मौत के बाद उसे अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी और मुआवजे की मोटी रकम मिलेगी। इसी लालच में उसने अपने ही पिता की जान ले ली। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।