BNT Desk: बिहार में प्रीमियम ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ एक बार फिर असामाजिक तत्वों के निशाने पर है। शनिवार सुबह समस्तीपुर और दुबहां स्टेशन के बीच ट्रेन पर पथराव किया गया, जिससे कोच की खिड़की का शीशा चकनाचूर हो गया। गनीमत यह रही कि उस सीट पर बैठे यात्री को कोई चोट नहीं आई। पिछले तीन दिनों के भीतर बिहार में वंदे भारत पर पत्थरबाज़ी की यह दूसरी बड़ी वारदात है।
कैसे और कहाँ हुई यह घटना?
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 9:28 बजे वंदे भारत ट्रेन समस्तीपुर से खुली थी। ट्रेन अपनी रफ़्तार में मुजफ्फरपुर की ओर बढ़ रही थी कि तभी सुबह 10:13 बजे दुबहां के पास कुछ लोगों ने ट्रेन पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। एक पत्थर सीधे चेयर कार की खिड़की पर लगा, जिससे कांच टूट गया। इस अचानक हुए हमले से ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन जब दानापुर पहुंची, तब वहां क्षतिग्रस्त कांच को ठीक किया गया।
पुलिस और रेलवे प्रशासन अलर्ट पर
इस घटना ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल RPF की टीम मामले की तहकीकात में जुट गई है और आसपास के इलाकों में छानबीन की जा रही है। पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह और समस्तीपुर रेलमंडल के DRM ज्योति प्रकाश मिश्रा भी क्षेत्र के दौरे पर हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
‘रील्स’ बनाने के चक्कर में पहले भी हुई पत्थरबाज़ी
हैरानी की बात यह है कि इससे पहले भी गोरखपुर-पाटलपुत्र वंदे भारत पर कांटी इलाके में पथराव हुआ था। उस मामले में पुलिस ने तीन नाबालिगों को पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि लड़कों ने सिर्फ सोशल मीडिया पर ‘वीडियो और रील्स’ बनाने के लिए ट्रेन को निशाना बनाया था। उन्होंने पत्थर मारने का वीडियो खुद ही वायरल कर दिया था, जिसके आधार पर पुलिस उन तक पहुँच सकी।
रेलवे की जनता से अपील: ‘राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं’
बिहार समेत देश के कई राज्यों में वंदे भारत को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। रेलवे ने एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि ट्रेनें राष्ट्र की संपत्ति हैं और इन्हें नुकसान पहुँचाना एक गंभीर अपराध है। असामाजिक तत्वों की इन हरकतों से न केवल सरकारी पैसे का नुकसान होता है, बल्कि यात्रियों की जान को भी खतरा बना रहता है।