साइबर गिरोह का पर्दाफाश: सरकारी योजना के नाम पर महिलाओं को बनाया मोहरा, बैंककर्मी भी निकला शामिल

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BNT Desk: पटना। साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की टीम ने बख्तियारपुर के सालिमपुर थाना क्षेत्र में एक बड़े संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। सैदपुर, मुरादपुर और सुंदरपुर गांव में सक्रिय इस गिरोह ने गरीब ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजना का लालच देकर उनके नाम पर सैकड़ों बैंक खाते खुलवाए और उन्हें साइबर ठगी के पैसे की निकासी के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया। इस मामले में बैंककर्मी धीरेंद्र कुमार सहित चंदन कुमार और अवध राय को गिरफ्तार किया गया है।

शौचालय योजना का झांसा देकर खुलवाए खाते

जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य ग्रामीण महिलाओं को शौचालय निर्माण और मरम्मत योजना के तहत 12 हजार रुपये दिलाने का झांसा देकर बैंक खाते खुलवा रहे थे। सीता कुमारी नाम की महिला ने गांव-गांव घूमकर महिलाओं को यह कहकर तैयार किया कि सरकारी राशि सीधे उनके खाते में आएगी। शुरुआत में महिलाओं को बैंक शाखा ले जाकर खाते खुलवाए गए। इसके बाद एक मैरिज हॉल में आयोजित भोज और कार्यक्रम के दौरान एक साथ 100 से अधिक बैंक खाते खोले गए। खाता खोलते समय महिलाओं से आधार कार्ड, फोटो और फिंगरप्रिंट लिए गए।

एक करोड़ से ज्यादा की ठगी, 100 से अधिक शिकायतें दर्ज

जांच में पता चला कि बैंक ऑफ इंडिया की सलेमपुर व बख्तियारपुर शाखा और इंडियन ओवरसीज बैंक में खुले इन खातों का इस्तेमाल देशभर के साइबर ठगी पीड़ितों से ऐंठी गई रकम मंगाने और निकालने के लिए हो रहा था। एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर इन खातों से जुड़े 100 से अधिक मामले दर्ज हैं और इनमें एक करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन हुआ है। खातों में पैसा आते ही नालंदा, बेगूसराय, बिहारशरीफ और पटना समेत कई जगहों पर एटीएम के जरिए तुरंत निकासी कर ली जाती थी।

महिलाओं के बैंक पहुंचने पर हुआ खुलासा

महीनों बीत जाने के बाद भी जब खाताधारक महिलाओं के खातों में सरकारी पैसा नहीं आया तो वे बैंक पहुंचीं। वहां उन्हें पता चला कि उनके खातों को साइबर ठगी के संदेह में फ्रीज कर दिया गया है। यह जानकारी मिलते ही गांव की महिलाएं एकजुट होकर सालिमपुर थाने पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसी आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

दस्तावेजों में गड़बड़ी ने खोला राज

जांच के दौरान बैंक दस्तावेजों में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। एक ही फॉर्म पर अलग-अलग हस्तलिपि पाई गई। कई खातों में मोबाइल नंबर काटकर बदल दिए गए थे या अलग रंग की स्याही से लिखे गए थे। इन्हीं सुरागों के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक बैंककर्मी भी शामिल है। संबंधित बैंक प्रबंधक की लापरवाही की जांच भी जारी है। इसके अलावा कुमारी देवी और विभा की संलिप्तता के संबंध में भी जांच की जा रही है।

सूचना देने की अपील

साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के भी नाम पर इस प्रकार कहीं बैंक खाता खुलवाया गया हो या इस गिरोह से जुड़ी कोई जानकारी हो तो सालिमपुर थाना या साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई बिहार, पटना से संपर्क करें। जानकारी व्हाट्सएप नंबर 9031829067 पर या सीधे साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई के पटना कार्यालय में दी जा सकती है।

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