BNT Desk: बिहार में अब अपराधियों की खैर नहीं है। सूबे के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कमान में पुलिस अब ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रही है। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले के बोचहा थाना क्षेत्र का है, जहाँ पुलिस का एक बिल्कुल अलग रूप देखने को मिला। यहाँ पुलिस हाथ में हथकड़ी लेकर नहीं, बल्कि गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ एक आरोपी के दरवाजे पर जा धमकी। पुलिस की इस टीम ने आरोपी के घर पर इश्तेहार चिपकाया और पूरे मोहल्ले के सामने ढोल बजाकर उसे सरेंडर करने की खुली चेतावनी दी।
महिला उत्पीड़न का है मामला
दरअसल, यह पूरी कार्रवाई महिला उत्पीड़न के आरोपी कमलेश कुमार के खिलाफ की गई है। बोचहा थाना के तमौलिया गांव का रहने वाला कमलेश लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा है। थाना अध्यक्ष श्रीकांत चौरसिया ने बताया कि आरोपी पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज है। पुलिस उसे पकड़ने के लिए कई बार छापेमारी कर चुकी है, लेकिन वह हर बार भागने में कामयाब हो जाता था। कोर्ट के बार-बार बुलावे और नोटिस के बाद भी जब आरोपी सामने नहीं आया, तो आखिरकार पुलिस को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
गांव में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
मंगलवार को जब बोचहा थाने की पुलिस टीम बैंड-बाजे के साथ गांव की गलियों में घुसी, तो हड़कंप मच गया। ढोल की आवाज सुनकर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। हर कोई यह देखकर हैरान था कि पुलिस बैंड क्यों बजा रही है। पुलिस ने बाकायदा मुनादी करवाई और पूरे गांव को बताया कि कमलेश कुमार एक वांछित अपराधी है। पुलिस ने घर की दीवारों पर नोटिस चिपकाते हुए साफ कहा कि अगर तय समय के भीतर उसने खुद को पुलिस के हवाले नहीं किया, तो अगली बार पुलिस उसका घर कुर्क करने यानी घर का सारा सामान जब्त करने आएगी।
फरार अपराधियों में मचा हड़कंप
बिहार पुलिस की इस ‘म्यूजिकल’ कार्रवाई की चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। इस तरह से सार्वजनिक रूप से ढोल बजाने का मकसद आरोपी पर दबाव बनाना और समाज में उसे बेनकाब करना है। पुलिस का मानना है कि इससे अपराधी के मन में डर पैदा होगा और वह छिपने के बजाय कानून के सामने आने पर मजबूर हो जाएगा। अब देखना यह है कि बैंड-बाजे की इस गूंज के बाद आरोपी कमलेश कुमार पुलिस के सामने घुटने टेकता है या पुलिस को कुर्की-जब्ती की कार्रवाई करनी पड़ती है।