BNT Desk: पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुई घटना के बाद राज्य में छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावक और छात्राएं दोनों सरकार से सुरक्षा की ठोस योजना और जवाब की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं दिखाई दिया। इस बीच नेता स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्राओं को मार्गदर्शन दे रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के मुद्दे पर कोई ठोस दिशा नहीं दिखाई दे रही है।
एमएलसी का विवादित बयान
सिलाव प्रखंड के नीरपुर गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में सत्ताधारी दल की विधान पार्षद और एमएलसी रीना यादव का बयान विवादों में आ गया। उन्होंने छात्राओं को सुरक्षा का भरोसा देने के बजाय कहा कि लड़कियों को लड़कों की ओर ध्यान नहीं देना चाहिए। उनका कहना था कि लड़कों पर ध्यान देने से छात्राएं पढ़ाई में पिछड़ती हैं और अपनी पढ़ाई में कम ध्यान देती हैं। यह बयान नीट छात्रा कांड के बाद डर और चिंता के माहौल में आया, जिससे कई लोग इसे असंवेदनशील बता रहे हैं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने एमएलसी के बयान को नकारात्मक और असंवेदनशील बताया। उनका कहना था कि छात्राओं को नसीहत देने के बजाय सरकार को यह बताना चाहिए कि स्कूल और कॉलेजों के आसपास सुरक्षा कैसे बढ़ाई जा रही है और मनचलों पर क्या कार्रवाई की जा रही है। अभिभावक और छात्राओं ने भी इस बयान को सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाने वाला बताया।
एमएलसी का स्पष्टीकरण
इस विवादित बयान के बाद एमएलसी रीना यादव ने कहा कि उन्होंने यह सब मजाक में कहा था। उनका कहना था कि उनका मकसद सिर्फ समाज में बढ़ती परेशानियों की ओर ध्यान दिलाना था। उन्होंने यह भी कहा कि यह उम्र वह होती है जब लड़कियां लड़कों पर ज्यादा आकर्षित होती हैं। हालांकि, उनका बयान छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है।