BNT Desk: बिहार की राजनीति में ‘समृद्धि यात्रा’ को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोलते हुए उनकी इस यात्रा के नाम पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। रोहिणी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के जरिए मुख्यमंत्री को ‘चाचा जी’ संबोधित करते हुए उनके 20 साल के शासन को विफल बताया है।
20 साल का हिसाब: “समृद्ध बिहार कहाँ है?”
रोहिणी आचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पिछले दो दशकों से काबिज रहने के बावजूद नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध बनाने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा, “चाचा जी, 20 साल बाद भी अगर बिहार पिछड़ा है, तो फिर यह कैसी समृद्धि यात्रा? बेहतर होता कि आप इसे ‘विदाई यात्रा’ का नाम देते, क्योंकि अब बिहार की जनता बदलाव चाहती है।”
नीति आयोग की रिपोर्ट से घेरा
अपने हमले को मजबूत करने के लिए रोहिणी ने नीति आयोग के हालिया आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के विकास के तमाम दावों की पोल खोलती है। आंकड़ों के अनुसार, बिहार वर्तमान में भारत का सबसे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर राज्य है। रोहिणी ने सवाल उठाया कि जब राज्य की 50 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे रहने को मजबूर है, तो सरकार किस मुँह से समृद्धि की बात कर रही है?
औद्योगिक विकास और पलायन पर सवाल
रोहिणी ने मुख्यमंत्री पर झूठे दावे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार आज भी ‘बहुआयामी गरीबी’ (Multidimensional Poverty) से जूझ रहा है। राज्य में न तो बड़े उद्योग लगे और न ही बुनियादी ढांचे का सही विकास हुआ। सीमित संसाधनों और रोजगार की कमी के कारण बिहार का युवा आज भी पलायन करने को मजबूर है। उन्होंने तंज कसा कि विज्ञापनों में चमकता बिहार हकीकत में अंधेरे में है।
