BNT Desk: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक ही सवाल गूंज रहा है—क्या आरसीपी (RCP) सिंह की जनता दल यूनाइटेड (JDU) में वापसी होने वाली है? इस सस्पेंस के बीच अब नीतीश सरकार के कद्दावर मंत्री श्रवण कुमार ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि आरसीपी सिंह के लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं या बंद, इसका फैसला सिर्फ पार्टी के बड़े नेता (नीतीश कुमार) ही लेंगे। इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है कि क्या पुरानी कड़वाहट को भुलाकर आरसीपी सिंह फिर से ‘तीर’ थामने वाले हैं?
कल तक कर रहे थे बुराई, अब क्यों आना चाहते हैं साथ?
मंत्री श्रवण कुमार ने आरसीपी सिंह पर निशाना साधते हुए कुछ तीखे सवाल भी खड़े किए। उन्होंने याद दिलाया कि कल तक जो नेता नीतीश कुमार को ‘बीमार’ बता रहे थे और कह रहे थे कि वे अब राजनीति के लायक नहीं बचे, आज अचानक उन्हें नीतीश कुमार की जरूरत क्यों पड़ गई? श्रवण कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि जिस विचारधारा ने कल तक नीतीश कुमार को ‘खत्म’ करने की बात कही थी, क्या आज वे उसी विचारधारा को छोड़कर माथा टेकने आ रहे हैं?
बीजेपी से जन सुराज तक का सफर और अब वापसी की अटकलें
आरसीपी सिंह का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। JDU छोड़ने के बाद वे बीजेपी में गए, फिर अपनी पार्टी बनाई और उसके बाद प्रशांत किशोर की जन सुराज का हिस्सा बने। मंत्री श्रवण कुमार का कहना है कि जब उनकी खुद की ‘राजनीतिक दुकान’ नहीं चली और चुनाव में विपक्षी विचारधारा का सफाया हो गया, तब वे वापस JDU की ओर देख रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आरसीपी सिंह किस सोच के साथ वापस आना चाहते हैं—बिहार को टॉप-5 में लाने वाली नीतीश कुमार की सोच के साथ या पुरानी विरोध वाली सोच के साथ?
बड़े नेताओं के फैसले पर टिकी सबकी नजर
हालांकि, हाल ही में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने आरसीपी सिंह की वापसी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था। लेकिन श्रवण कुमार के ‘बड़े नेता तय करेंगे’ वाले बयान ने एक उम्मीद की खिड़की खोल दी है। फिलहाल, आरसीपी सिंह की वापसी को लेकर JDU के अंदर दो फाड़ नजर आ रही है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पुराने साथी के लिए दरवाजे खोलते हैं या उन्हें बाहर ही रहना होगा।