BNT Desk: बिहार के नालंदा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के मशहूर पर्यटन स्थल राजगीर के दिगंबर जैन धर्मशाला में ठहरे हुए एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव कमरे के अंदर फंदे से लटके मिले हैं। मरने वालों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। यह सभी पर्यटक कर्नाटक के बेंगलुरु के रहने वाले बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को जब कमरे से तेज बदबू आने लगी, तब जाकर इस खौफनाक मंजर का खुलासा हुआ। आशंका जताई जा रही है कि इन लोगों ने दो-तीन दिन पहले ही आत्महत्या कर ली थी।
कमरे का नजारा देख पुलिस भी रह गई दंग
घटना की जानकारी मिलते ही राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह और थानाध्यक्ष रमन कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए। कमरे के चारों कोनों में चारों शव फंदे से झूल रहे थे। चौंकाने वाली बात यह है कि तीनों महिलाओं के हाथ पीछे की तरफ और पुरुष के हाथ आगे की तरफ रस्सी से बंधे हुए थे। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन और कुछ अन्य सामान बरामद किया है। घटनास्थल को पूरी तरह से सील कर दिया गया है और अब फॉरेंसिक टीम (FSL) के आने का इंतजार किया जा रहा है ताकि वैज्ञानिक सबूत जुटाए जा सकें।
नेपाल से घूमकर राजगीर पहुंचे थे पर्यटक
धर्मशाला के मैनेजर मुकेश जैन ने बताया कि ये चारों लोग 31 जनवरी को राजगीर आए थे। उन्होंने बताया था कि वे नेपाल घूमकर आए हैं और यहाँ भी दर्शन के लिए रुके हैं। रुकने के लिए उन्होंने अपना आधार कार्ड दिया था, जिसमें जीआर नाग प्रसाद का नाम और बेंगलुरु का पता दर्ज है। 2 फरवरी के बाद से इन्हें किसी ने बाहर निकलते नहीं देखा था। धर्मशाला प्रबंधन ने भी इतने दिनों तक दरवाजा बंद रहने पर कोई सुध नहीं ली, जिससे अब उनकी कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सुसाइड या कुछ और? पुलिस कर रही है जांच
फिलहाल पुलिस इसे सामूहिक आत्महत्या और हत्या, दोनों एंगल से देख रही है। मैनेजर विजय कुमार जैन का कहना है कि शुरुआती तौर पर यह मामला पारिवारिक कलह का लग रहा है, लेकिन सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही साफ होगी। पुलिस अब मृतकों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है ताकि यह पता चल सके कि आखिर इस हंसते-खेलते परिवार ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया। राजगीर जैसे सुरक्षित पर्यटन स्थल पर इस तरह की घटना ने हर किसी को डरा दिया है।