BNT Desk: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने राजद (RJD) में बड़ी सेंधमारी का दावा कर राज्य का सियासी पारा बढ़ा दिया है। जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने सोमवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की पार्टी के कई विधायक अंदरूनी कलह से परेशान हैं। उनके मुताबिक, राजद के कई ‘बेचैन’ विधायक जेडीयू के संपर्क में हैं और जल्द ही पार्टी छोड़ सकते हैं।
राजद विधायकों में भारी नाराजगी का दावा
नीरज कुमार ने पटना में मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि राजद के विधायक अपने मौजूदा नेतृत्व से खुश नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि विधायकों के अंदर काफी गुस्सा और बेचैनी है, जिसके चलते वे सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी नीरज कुमार ने दावा किया था कि राजद के करीब 17 से 18 विधायक एनडीए के संपर्क में हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार (मात्र 25 सीटें) ने इस चर्चा को और हवा दे दी है।
राजद का पलटवार: ‘एनडीए में खुद मची है खटपट’
दूसरी तरफ, राजद ने जेडीयू के इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी और शक्ति सिंह यादव का कहना है कि टूट राजद में नहीं, बल्कि खुद एनडीए के भीतर होने वाली है। शक्ति सिंह यादव ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव में 202 सीटें जीतने के बाद भी सत्ताधारी गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। राजद का कहना है कि जेडीयू अपनी कमियां छिपाने के लिए इस तरह की अफवाहें फैला रही है।
मांझी के बगावती तेवरों ने बढ़ाई एनडीए की टेंशन
बिहार की राजनीति में हलचल सिर्फ राजद तक सीमित नहीं है। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के ताजा बयान ने एनडीए की भी चिंता बढ़ा दी है। राज्यसभा सीट न मिलने से नाराज मांझी ने अपने बेटे संतोष सुमन को मंत्री पद छोड़ने तक की सलाह दे डाली है। अब देखना यह होगा कि नीरज कुमार के दावों में कितनी सच्चाई है या फिर बिहार की राजनीति ‘खरमास’ के बाद कोई नया मोड़ लेती है।