बिहार विधान परिषद में विपक्षी वॉकआउट से बढ़ा सियासी तनाव, संशोधन प्रस्ताव पर हंगामा

बिहार विधान परिषद में गुरुवार को विपक्ष ने संशोधन प्रस्ताव पर बोलने का मौका न मिलने पर वॉकआउट किया। नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के नेतृत्व में राजद, कांग्रेस और वाम दल सदन से बाहर चले गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभिभाषण पर जवाब दिया और संशोधन प्रस्ताव अस्वीकृत हुआ।

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BNT Desk: बिहार की सियासत में बुधवार को अचानक हलचल तेज हो गई, जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विधानसभा के विधान मंडल की कार्यवाही में मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी। सदन में मौजूद सभी की नजरें तेजस्वी पर थीं, लेकिन उनके न पहुँचने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

जेडीयू का तीखा हमला

तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर सबसे पहला हमला जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि “जिनके परिवार की सुरक्षा के लिए 160 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, वह खुद आज सदन में नहीं दिखे। तेजस्वी यादव आखिर गए कहां?” नीरज कुमार के इस बयान ने राजनीतिक माहौल में और अधिक तल्खी भर दी। उन्होंने सवाल उठाया कि जनता के मुद्दों पर बोलने का दावा करने वाले नेता आज सदन से दूरी क्यों बनाए हुए हैं?

आरजेडी का पलटवार

शाम होते-होते आरजेडी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने पलटवार करते हुए कहा कि “नीरज जी की राजनीति का मूल आधार ही तेजस्वी प्रसाद यादव हैं। हर बात में तेजस्वी को क्यों खोजते रहते हैं? वास्कोडिगामा की तरह खोज अभियान शुरू मत कीजिए।” उन्होंने आगे तंज किया कि “तेजस्वी को बिहार की जनता के हित में बुलडोजर नीति से बचाकर रखिए, उनकी खोज में विशेष अभियान चलाने की जरूरत नहीं है।”

सियासी तापमान और बढ़ा

एजाज अहमद ने यह भी उम्मीद जताई कि विधानसभा की गरिमा को ध्यान में रखते हुए तेजस्वी यादव जल्द ही सदन में उपस्थित होंगे। लेकिन इस तकरार ने साफ कर दिया कि तेजस्वी की अनुपस्थिति भी बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गई है।18वीं बिहार विधानसभा के पहले सत्र का आज चौथा दिन है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू हो गयी हैं। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, सबसे पहले उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया कराई गई।

 

 

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