पटना: प्रशासन का बड़ा फैसला, जानिए क्यों बंद हुआ संजय गांधी जैविक उद्यान और क्या हैं नए नियम?

बिहार की राजधानी पटना में H5N1 (बर्ड फ्लू) की पुष्टि के बाद प्रशासन ने संजय गांधी जैविक उद्यान (Patna Zoo) को 7 मार्च 2026 तक पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। संक्रमण के 'एपिसेंटर' से 1 किमी के दायरे में आने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। कंकड़बाग और हाईकोर्ट जैसे इलाकों में भी संदिग्ध मामले मिले हैं।

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BNT Desk: पटना में बर्ड फ्लू (H5N1) के दस्तक देने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। केंद्र सरकार और भोपाल स्थित जांच प्रयोगशाला (NIHSAD) से संक्रमण की पुष्टि होने के बाद कई कड़े कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में राजधानी का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

पटना जू 7 मार्च तक बंद

बिहार पशु विश्वविद्यालय के पॉल्ट्री अनुसंधान केंद्र में बर्ड फ्लू के वायरस पाए जाने के बाद एहतियातन पटना जू को बंद करने का निर्णय लिया गया है। चूंकि चिड़ियाघर का कुछ हिस्सा संक्रमण के ‘एपिसेंटर’ (मुख्य केंद्र) से मात्र 1 किलोमीटर के दायरे में आता है, इसलिए संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए इसे 07 मार्च 2026 तक पर्यटकों और पासधारकों के लिए पूरी तरह बंद रखा गया है।

कहाँ-कहाँ मिला संक्रमण?

पटना के कई इलाकों में पक्षियों की अस्वाभाविक मृत्यु के बाद नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। संक्रमण के संदिग्ध मामले निम्नलिखित क्षेत्रों में पाए गए हैं:

  1. कंकड़बाग (पी.सी. कॉलोनी, जे-सेक्टर पार्क)
  2. पटना हाईकोर्ट परिसर
  3. बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पॉल्ट्री अनुसंधान केंद्र
  4. कौशल नगर और चितकोहरा

प्रशासन द्वारा की गई व्यापक कार्रवाई

संक्रमण की पुष्टि होते ही भारत सरकार के ‘एक्शन प्लान’ के तहत प्रभावित क्षेत्रों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) को तैनात कर दिया गया है। अब तक की गई मुख्य कार्रवाई इस प्रकार है:

  1. संक्रमित क्षेत्र: एपिसेंटर से 1 किलोमीटर की परिधि को ‘संक्रमित क्षेत्र’ घोषित किया गया है।
  2. कुलिंग (Culling): सुरक्षा मानकों के तहत 4,575 कुक्कुटों (मुर्गियों आदि) को मार दिया गया है।
  3. नष्टिकरण: लगभग 9,662 अंडों और 530 किलोग्राम मुर्गी दाना को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
  4. डिसइन्फेक्शन: प्रभावित इलाकों में जैव सुरक्षा (Biosafety) सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जा रहा है।

आम जनता के लिए निर्देश

चिड़ियाघर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगले आदेश (7 मार्च) तक किसी भी पर्यटक या मॉर्निंग वॉकर को उद्यान के भीतर प्रवेश नहीं मिलेगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि:

  1. किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
  2. यदि कहीं भी मृत पक्षी दिखाई दें, तो तुरंत इसकी सूचना पशुपालन विभाग को दें।
  3. जैव सुरक्षा से संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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