BNT Desk: पटना में वैलेंटाइन डे के अवसर पर एक तरफ जहां प्रेम का उत्सव मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसका कड़ा विरोध भी देखने को मिल रहा है। बुद्ध स्मृति पार्क के बाहर हुए इस प्रदर्शन ने शहर का माहौल गरमा दिया है।
पश्चिमी संस्कृति का विरोध और जागरूकता
पटना के बुद्ध स्मृति पार्क के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और वैलेंटाइन डे का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भारतीय समाज पर पश्चिमी देशों की संस्कृति हावी होती जा रही है, जो हमारी अपनी परंपराओं के लिए खतरा है। उनका मुख्य उद्देश्य युवाओं को जागरूक करना है ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और विदेशी त्योहारों के अंधानुकरण से बचें।
हाथों में हनुमान चालीसा और भक्ति का मार्ग
विरोध का तरीका काफी अनोखा रहा। प्रदर्शनकारी अपने हाथों में हनुमान चालीसा लेकर पहुंचे थे। उनका तर्क है कि युवाओं को प्रेम के नाम पर अश्लीलता फैलाने के बजाय आध्यात्मिकता और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। पार्क के बाहर शांतिपूर्ण लेकिन मुखर तरीके से हनुमान चालीसा का पाठ कर उन्होंने अपनी नाराजगी दर्ज कराई और समाज को भारतीय मूल्यों की याद दिलाई।
पुलवामा के शहीदों को नमन: “ब्लैक डे”
प्रदर्शनकारियों ने इस दिन को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया। उन्होंने कहा कि आज के ही दिन (14 फरवरी) पुलवामा हमले में हमारे वीर जवान शहीद हुए थे। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि इस दिन को खुशी के बजाय उन शहीदों की याद में शोक और सम्मान के साथ मनाना चाहिए। हाथों में पोस्टर और तिरंगा लेकर उन्होंने वीर सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।