BNT Desk: पटना पुलिस ने 18 और 19 फरवरी 2026 की दरमियानी रात को एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई पटना विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों (Hostels) में की गई। इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखना और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाना था।
छापेमारी के मुख्य कारण
पुलिस को पिछले कुछ समय से छात्रावासों के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके अलावा, आगामी छात्रसंघ चुनाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या गड़बड़ी न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य), पटना के नेतृत्व में यह सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
मिंटो हॉस्टल से 8 गिरफ्तारियाँ
छापेमारी के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई मिंटो छात्रावास में हुई। यहाँ से पुलिस ने कुल 08 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के समय ये सभी आरोपी नशे की हालत में पाए गए थे। पुलिस इन सभी अभियुक्तों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ कर रही है।
पुराने बम कांड से जुड़ा कनेक्शन
पकड़े गए आरोपियों का संबंध केवल नशे तक ही सीमित नहीं है। पुलिस के अनुसार, ये गिरफ्तार अभियुक्त पीरबहोर थाने में पहले से दर्ज एक ‘बम कांड’ के मामले में भी शामिल हैं। इस मामले में उन पर विस्फोटक अधिनियम (Explosives Act) की गंभीर धाराएं लगी हुई हैं। यह गिरफ्तारियाँ पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही हैं क्योंकि इससे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
अपराधिक इतिहास और कानूनी कार्रवाई
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से एक अभियुक्त का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी कई गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाया गया है। फिलहाल, पीरबहोर थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या अवैध सामग्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी।