BNT Desk: राजधानी पटना एक बार फिर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव यानी ‘रामनवमी’ के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। इस वर्ष का आयोजन ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (संगठन) और स्थानीय विधायक नितिन नवीन खुद इसकी कमान संभाल रहे हैं। बुधवार शाम को दिल्ली से विशेष रूप से पटना पहुँच रहे नितिन नवीन की उपस्थिति इस महोत्सव को और भी भव्य बनाएगी।
पटना की सड़कों पर भक्ति और उल्लास का ऐसा संगम देखने को मिलेगा, जिसकी गूंज पूरे बिहार में सुनाई देगी।
डाकबंगला चौराहे पर दिखेगी अद्भुत छटा
पटना का प्रसिद्ध डाकबंगला चौराहा इस साल भी रामनवमी शोभायात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु होगा। ‘रामनवमी शोभायात्रा अभिनंदन समिति’ के तत्वावधान में पूरे शहर को सजाया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार, शहर के अलग-अलग कोनों से 52 से अधिक छोटी-बड़ी शोभायात्राएं निकलेंगी, जो अंततः डाकबंगला चौराहे पर एकत्रित होंगी।
इस बार चौराहे को बेहद आकर्षक तरीके से सजाया गया है, जहाँ भव्य तोरण द्वार और रोशनी की ऐसी व्यवस्था की गई है कि रात का नजारा भी दिन जैसा प्रतीत होगा।
मुंबई का बैंड और काशी की गंगा आरती: सांस्कृतिक संगम
इस वर्ष की शोभायात्रा में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की मंडलियां शामिल हो रही हैं:
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मुंबई का मशहूर बैंड: अपनी जोश भरी धुनों से शोभायात्रा में उत्साह भरेगा।
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झारखंड की नृत्य मंडली: अपनी पारंपरिक कला और नृत्य से भगवान राम के स्वागत में प्रस्तुतियां देगी।
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काशी की गंगा आरती टीम: विशेष रूप से वाराणसी से बुलाई गई यह टीम पटना की सड़कों पर आध्यात्मिक वातावरण तैयार करेगी।
इनके अलावा, शोभायात्रा में 52 अलग-अलग विषयों पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी। इनमें अयोध्या के भव्य राम मंदिर का मॉडल और भगवान श्री राम के जीवन चरित्र के विभिन्न प्रसंगों को सजीव रूप में दर्शाया जाएगा।
दिग्गजों की मौजूदगी और जन-भागीदारी की अपील
इस भव्य महोत्सव में बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समेत कई वरिष्ठ राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी शिरकत करेंगे। नितिन नवीन ने समाज के सभी वर्गों और समुदायों से अपील की है कि वे इस उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने आग्रह किया है कि हर सनातनी अपने घर और आसपास ‘महावीर ध्वज’ (भगवा झंडा) जरूर लगाए ताकि पूरा शहर राममय नजर आए।
कब है रामनवमी? शुभ मुहूर्त और तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष रामनवमी की तिथि को लेकर भक्तों के बीच विशेष उत्साह है:
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नवमी तिथि का प्रारंभ: 26 मार्च 2026 को सुबह 11:48 बजे से।
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नवमी तिथि की समाप्ति: 27 मार्च 2026 को सुबह 10:06 बजे तक।
उदया तिथि के महत्व को देखते हुए, 27 मार्च 2026 को रामनवमी मनाना शास्त्र सम्मत और अधिक शुभ माना जाएगा। इसी दिन मुख्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
मध्याह्न काल: भगवान राम के जन्म का समय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री राम का जन्म ‘मध्याह्न’ यानी दोपहर के समय हुआ था। इसलिए रामनवमी की पूजा में मध्याह्न काल का विशेष महत्व होता है।
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शुभ पूजा समय: सुबह 11:13 बजे से दोपहर 1:41 बजे तक।
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सटीक क्षण (जन्मोत्सव): दोपहर 12:27 बजे वह समय होगा जब मंदिरों में शंख और घंटों की गूँज के साथ भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस समय पूजा करना सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है।
सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम
हजारों की भीड़ और 52 शोभायात्राओं को देखते हुए पटना जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। ट्रैफिक रूट में भी बदलाव किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को आवाजाही में कोई परेशानी न हो।