BNT Desk: पटना। राजधानी पटना में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का विस्तार एक अहम प्रशासनिक अड़चन की वजह से थमा हुआ है। शहर के दर्जनों इलाकों में मुख्य पाइपलाइन पहले से बिछी होने के बावजूद गलियों और आवासीय क्षेत्रों तक कनेक्शन नहीं पहुंच पा रहा है। इसकी मुख्य वजह पटना नगर निगम से अनावश्यक अनुमति यानी NOC का लंबित रहना बताई जा रही है। एक तरफ जहां गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते PNG कनेक्शन की मांग तेजी से बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ नौकरशाही की देरी आम लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
इन इलाकों में पहले से मौजूद है PNG नेटवर्क
पटना के कई प्रमुख इलाकों में PNG की मुख्य पाइपलाइन पहले से बिछाई जा चुकी है। महुआबाग, धनौत, सिद्धेश्वर नगर, रूपसपुर नालापर, त्रिशूल विहार कॉलोनी, लोहिया पथ, राम नगरी, मजिस्ट्रेट कॉलोनी, एजी कॉलोनी, आकाशवाणी रोड, सीडीए कॉलोनी, जगदेव पथ, IGIMS क्षेत्र, फ्रेंड्स कॉलोनी, समनपुरा, इंद्रपुरी, राजाबाजार और NTPC फेज-1, 2 व 3 जैसे इलाकों में नेटवर्क पहले से मौजूद है। इसके अलावा आदर्श विहार कॉलोनी, नीति बाग, पटेल नगर, खाजपुरा, विजय नगर, वेद नगर, अंबा विहार, कल्याण विहार, ESIC कॉलोनी, जयप्रकाश नगर, कृषि नगर, आरके पुरम, सगुना मोड़, लेखा नगर, खगौल, बेली रोड, शास्त्रीनगर, बोरिंग कैनाल रोड, नागेश्वर कॉलोनी, पाटलिपुत्रा, किदवईपुरी और कवि रमण पथ जैसे इलाके भी इस सूची में शामिल हैं।
गलियों तक क्यों नहीं पहुंच रही पाइपलाइन?
समस्या यह है कि इन मुख्य लाइनों से सटी गलियों और आवासीय क्लस्टरों तक पाइपलाइन का विस्तार नहीं हो पा रहा है। PNG कनेक्शन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी का कहना है कि उन्होंने पटना नगर निगम को कई बार NOC के लिए आवेदन दिया, लेकिन अनुमति न मिलने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका। गलियों में पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खुदाई, यातायात प्रबंधन और कई विभागों की अनुमति एक साथ चाहिए होती है, जिससे पूरी प्रक्रिया जटिल और समय-साध्य हो जाती है।
नेहरू नगर में सबसे ज्यादा परेशानी
विशेष रूप से नेहरू नगर वन विभाग क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग PNG कनेक्शन के इंतजार में हैं। पाटलिपुत्रा इलाके में मुख्य पाइपलाइन बिल्कुल पास से गुजरती है, लेकिन अंतिम चरण का नेटवर्क न बिछ पाने के कारण उपभोक्ताओं को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मुख्य लाइन दरवाजे तक पहुंच चुकी है, तो अनुमति की देरी से योजना का पूरा उद्देश्य ही अधूरा रह जाता है।
गैस सिलिंडर की किल्लत ने बढ़ाई PNG की मांग
पटना में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते PNG कनेक्शन की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है। गैस कंपनी के अधिकारियों के अनुसार इन दिनों हर रोज 100 से 150 नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जबकि आवेदनों की संख्या इससे कहीं अधिक है। फिलहाल राजधानी में करीब 30 हजार घरेलू PNG कनेक्शन सक्रिय हैं और लगभग 90 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी PNG की आपूर्ति की जा रही है।
स्थिति साफ है — मांग बढ़ रही है, बुनियादी ढांचा मौजूद है, लेकिन NOC की फाइल अटकी है। जरूरत है कि पटना नगर निगम इस मामले में त्वरित कार्रवाई करे ताकि आम लोगों को सस्ती और सुविधाजनक रसोई गैस का लाभ मिल सके।