पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत पर पटना SIT ने लिया संज्ञान, सीसीटीवी और फॉरेंसिक जांच जारी

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में मेडिकल की तैयारी कर रही छात्रा गायत्री कुमारी की 10 जनवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की आशंका सामने आने पर SIT गठित की गई। पुलिस सीसीटीवी और फॉरेंसिक जांच के माध्यम से मामले की जांच कर रही है।

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BNT Desk: पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रही छात्रा गायत्री कुमारी की 10 जनवरी 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस ने इसे नींद की गोलियों के ओवरडोज़ या स्वाभाविक मौत बताया था, लेकिन इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की आशंका से इनकार नहीं किया जा सका, जिससे मामला गंभीर रूप ले लिया है। परिजनों ने प्रशासन और हॉस्टल प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं कि हत्या और यौन शोषण को छिपाने का प्रयास किया गया।

परिजनों और विपक्ष का गुस्सा, हाई‑प्रोफाइल जांच की मांग

मृतक छात्रा के परिजनों ने पुलिस और हॉस्टल मालिक पर मिलाकर केस दबाने के आरोप लगाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों और खरोंच के निशान मिले हैं, जिससे यौन हमला होने की संभावना और मजबूत हुई है। परिजनों ने कारगिल चौक पर प्रदर्शन कर न्याय की मांग की थी और कहा कि अगर समय पर सही जांच होती तो सच सामने आता। विपक्षी नेताओं ने भी इस मामले को उठाया और निष्पक्ष जांच की पुकार लगाई है। लोग यह सवाल कर रहे हैं कि अगर यह मौत केवल संदिग्ध थी तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की संभावना क्यों जताई गई।

एसआईटी का गठन, आईजी खुद ले रहे निगरानी

घटना की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन ने इस प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व पटना आईजी जितेंद्र राणा करेंगे और वे रोजाना जांच की प्रगति पर खुद नजर रखेंगे। गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने SIT गठन की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की तह तक जाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य और कई अन्य एंगल से मामले की छानबीन कर रही है। हॉस्टल मालिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो सके।

जांच जारी, न्याय की उम्मीद

इस हाई‑प्रोफाइल मामले ने राज्य में कानून‑व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रा के परिवार और समाज का दबाव बढ़ रहा है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो और दोषी न्याय के कठघरे तक पहुँचें। SIT के आगे की रिपोर्ट आने पर ही मौत के पीछे की हकीकत स्पष्ट होगी।

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