बिहार की राजधानी पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में हुई NEET छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब दिल्ली तक पहुँच गया है। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने बुधवार को संसद भवन परिसर में हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इस पूरी घटना को ‘पटना की निर्भया’ करार देते हुए आरोप लगाया कि छात्रा की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश है। सांसद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल CBI जांच की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
जहानाबाद की रहने वाली एक छात्रा पटना के ‘शंभू गर्ल्स हॉस्टल’ में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। बीती 6 जनवरी को वह अपने कमरे में बेहोश पाई गई थी। उसे आनन-फानन में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चार दिनों के संघर्ष के बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शुरुआत में इसे सुसाइड बताया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कहानी बदल गई। रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की बात सामने आई, जिसके बाद परिजनों ने सीधे तौर पर रेप और हत्या का आरोप लगाया है।
सांसद पप्पू यादव के गंभीर आरोप
पप्पू यादव ने मीडिया से बात करते हुए सिस्टम पर कई तीखे सवाल दागे। उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्टल में ‘सेक्स रैकेट’ चल रहा है और इस मामले को दबाने के लिए हॉस्टल संचालक, स्थानीय पुलिस और डॉक्टरों के बीच मिलीभगत है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर घटना 6 जनवरी की थी, तो FIR दर्ज करने में 3 दिन की देरी क्यों हुई? पप्पू यादव का कहना है कि सबूत मिटाने के लिए छात्रा के कमरे को तुरंत साफ कर दिया गया और पीएमसीएच के डॉक्टरों पर गलत रिपोर्ट बनाने का दबाव डाला गया।
जांच की वर्तमान स्थिति
फिलहाल इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है। फॉरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों से पुरुष के वीर्य (Semen) के निशान मिले हैं, जिससे यौन शोषण की पुष्टि होती है। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए कई संदिग्धों के DNA सैंपल लिए हैं। हालांकि, पप्पू यादव ने एसआईटी और सीआईडी की जांच पर भरोसा न जताते हुए कहा कि प्रशासन ‘बड़ी मछलियों’ को बचाने की कोशिश कर रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।