BNT Desk: पटना में मेट्रो चलने का सपना अब हकीकत बन चुका है। हर दिन हजारों यात्री मेट्रो में सफर कर रहे हैं। फिलहाल पटना मेट्रो तीन स्टेशनों पर चल रही है, लेकिन बहुत जल्द दो और स्टेशन शुरू होने वाले हैं। दिसंबर के अंत तक खेमनीचक और मलाही पकड़ी स्टेशन का उद्घाटन होने की संभावना है। इन स्टेशनों के शुरू होते ही मेट्रो सेवा आईएसबीटी से भूतनाथ होते हुए मलाही पकड़ी तक लगभग 6.5 किलोमीटर तक बढ़ जाएगी। इसके बाद पटना में कुल पाँच स्टेशनों पर मेट्रो का संचालन होगा।
दिसंबर में 5 स्टेशनों पर मेट्रो सेवा
मलाही पकड़ी स्टेशन पर सिविल और स्ट्रक्चर का काम लगभग पूरा है, जबकि खेमनीचक में आंतरिक निर्माण अंतिम चरण में है। दोनों स्टेशन वर्ष के अंतिम सप्ताह में शुरू हो सकते हैं। इसके साथ ही जंक्शन–रुकनपुरा और मीठापुर तक 9.35 किमी लंबा अंडरग्राउंड कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जिसके बन जाने पर पटना की ट्रैफिक व्यवस्था और कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
दूसरे चरण में तेज गति से काम
दूसरे चरण का काम तेजी से चल रहा है। यह पूरा हिस्सा भूमिगत (अंडरग्राउंड) कॉरिडोर होगा जिसकी लंबाई लगभग 6–7 किलोमीटर है। मेट्रो पटना जंक्शन से बेली रोड के रुकनपुरा तक भीड़भाड़ वाले इलाकों के नीचे से गुजरेगी। यह खंड दो भागों में विकसित हो रहा है— पहला, पटना जंक्शन से विकास भवन तक, और दूसरा, विकास भवन से रुकनपुरा तक। पहले हिस्से में लगभग 100 फीट नीचे सुरंग खोदने का कार्य तेजी से जारी है।
पहली बार आइलैंड प्लेटफॉर्म सुविधा
इस चरण की विशेषता यह है कि सभी छह भूमिगत स्टेशन आइलैंड प्लेटफॉर्म मॉडल पर आधारित होंगे, जहाँ प्लेटफॉर्म बीच में होता है और दोनों तरफ से ट्रेन चलती है। इसके कारण यात्रियों को दोनों दिशाओं में ट्रेन पकड़ना आसान होगा। छह अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे— पटना जंक्शन, विद्युत भवन, विकास भवन, पटना जू, राजाबाजार और रुकनपुरा।
36 महीने में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
पूरे कॉरिडोर का निर्माण HCC कंपनी द्वारा 36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। पहला फेज DMRC के तहत बना था, जबकि दूसरा चरण अब PMRCL की निगरानी में चल रहा है। परियोजना में दो कॉरिडोर— रेड लाइन (16.86 किमी) और ब्लू लाइन (14.56 किमी) बनाए जा रहे हैं, जिनमें कुल 24 स्टेशन होंगे।