पटना: जेपी गंगा पथ पर लगेंगी 50 आधुनिक दुकानें, जून तक तैयार होगा हाई-टेक वेंडिंग ज़ोन, जानें क्या है पूरी योजना

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BNT Desk: बिहार की राजधानी का सबसे लोकप्रिय पर्यटन केंद्र ‘जेपी गंगा पथ’ (मरीन ड्राइव) अब केवल सैर-सपाटे के लिए ही नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित और आधुनिक व्यावसायिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बनाने जा रहा है। गंगा की लहरों के किनारे अब आपको सड़कों पर बिखरी हुई दुकानें नहीं, बल्कि एक कतार में सजी अत्याधुनिक प्री-फैब्रिकेटेड दुकानें नज़र आएंगी। ज़िला प्रशासन और संबंधित विभाग ने इस वेंडिंग ज़ोन को जून तक चालू करने का लक्ष्य रखा है।

टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में: एजेंसियों की रेस शुरू

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए टेंडर प्रक्रिया में तेज़ी आ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, टेंडर में शामिल चार तकनीकी एजेंसियों के बिड (Bid) को तकनीकी रूप से योग्य पाया गया है। विभाग अब अगले एक सप्ताह के भीतर ‘प्री-बिड मीटिंग’ आयोजित करने वाला है। इसके बाद सर्वश्रेष्ठ एजेंसी का चयन कर उसे कार्यादेश (Work Order) दिया जाएगा। प्रशासन की योजना है कि चयन के दो महीने के भीतर ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए।

कैसा होगा दुकानों का स्वरूप? (डिजाइन और क्लस्टर)

परियोजना के तहत कुल 50 दुकानों का निर्माण किया जाना है। पहले कई डिजाइनों पर विचार किया गया था, लेकिन अब दो अंतिम डिजाइनों को मंजूरी मिल गई है। इन दुकानों की बनावट कुछ इस प्रकार होगी:

  • दुकानों का आकार: 45 दुकानें 16 फुट लंबी होंगी, जबकि 5 विशेष दुकानें 20 फुट लंबी बनाई जाएंगी।

  • क्लस्टर सिस्टम: सभी 50 दुकानों को 10-10 के पांच समूहों (Clusters) में बांटा जाएगा।

  • लेआउट: प्रत्येक क्लस्टर में 9 छोटी और एक बड़ी दुकान होगी। इस व्यवस्था से न केवल व्यापार करने में आसानी होगी, बल्कि पर्यटकों को घूमने के लिए भी पर्याप्त जगह मिलेगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा वेंडिंग ज़ोन

ये दुकानें सामान्य खोमचों या लकड़ी के गुमटियों जैसी नहीं होंगी। इन्हें ‘प्री-फैब्रिकेटेड’ तरीके से बनाया जाएगा, जो दिखने में आकर्षक और टिकाऊ होंगी।

  • बुनियादी ढांचा: प्रत्येक दुकान में बिजली कनेक्शन, प्लंबिंग और ड्रेनेज (निकासी) की समुचित व्यवस्था होगी।

  • एलईडी लाइटिंग: रात के समय गंगा पथ की खूबसूरती बढ़ाने के लिए वेंडिंग ज़ोन को आकर्षक एलईडी लाइटों से सजाया जाएगा।

  • दृश्यता का ध्यान: दुकानों का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि वे गंगा के प्राकृतिक दृश्य या वहां की खुली हवा में बाधा न बनें।

बजट और रखरखाव की जिम्मेदारी

इस पूरी परियोजना पर करीब 7.18 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। सरकार केवल दुकानों का निर्माण ही नहीं करा रही, बल्कि उनकी लंबी उम्र और देखरेख का भी पुख्ता इंतज़ाम कर रही है। अनुबंध के अनुसार, जिस एजेंसी को निर्माण का जिम्मा मिलेगा, उसे अगले 3 वर्षों तक इन दुकानों के रखरखाव (Maintenance) की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी। इससे दुकानों की गुणवत्ता बनी रहेगी और किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में एजेंसी तुरंत जवाबदेह होगी।

रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

जेपी गंगा पथ पर वेंडिंग ज़ोन बनने से पटना के स्थानीय युवाओं और छोटे व्यापारियों को रोज़गार के व्यवस्थित अवसर मिलेंगे। अभी तक वहां अव्यवस्थित तरीके से दुकानें लगती थीं, जिससे कभी-कभी जाम या गंदगी की समस्या होती थी। अब व्यवस्थित वेंडिंग ज़ोन बनने से पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण खान-पान मिलेगा और गंगा पथ की सुंदरता में चार चांद लग जाएंगे।

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