फतुहां: गंगा स्नान के दौरान एक ही परिवार के 7 लोग डूबे, 5 बचाए गए, भाई-बहन लापता

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BNT Desk: राजधानी से सटे फतुहां थाना क्षेत्र में सोमवार को गंगा स्नान की खुशियाँ मातम में बदल गईं। कच्ची दरगाह स्थित पीपा पुल के पास गंगा नदी में स्नान करने के दौरान एक ही परिवार के सात सदस्य गहरे पानी में चले गए। स्थानीय नाविकों और गोताखोरों की सूझबूझ से पांच लोगों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दो किशोर अब भी लापता हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और लापता बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

कैसे हुआ हादसा? एक को बचाने में डूबे सात

हादसा उस समय हुआ जब कच्ची दरगाह के आलमपुर स्थित अपने रिश्तेदार के घर आए कुछ युवक-युवती गंगा स्नान के लिए पीपा पुल के पास पहुंचे थे। चश्मदीदों के मुताबिक, स्नान के दौरान परिवार का एक सदस्य अचानक गहरे पानी में जाने लगा और डूबने लगा। उसे बचाने की कोशिश में एक-एक कर सात लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आ गए।

नदी किनारे मौजूद स्थानीय नाविकों ने जैसे ही शोर सुना, वे तुरंत अपनी नावों के साथ पानी में कूद पड़े। उनकी तत्परता की वजह से पांच लोगों को डूबने से बचा लिया गया, लेकिन दो अन्य गहरे पानी में ओझल हो गए।

ममेरे-फुफेरे भाई-बहन लापता, परिजनों में कोहराम

लापता लोगों की पहचान निशांत कुमार (21 वर्ष) और मानसी कुमारी (17 वर्ष) के रूप में की गई है। परिजनों ने बताया कि दोनों रिश्ते में ममेरे-फुफेरे भाई-बहन लगते हैं। निशांत और मानसी अपने रिश्तेदारों के साथ गंगा की पावन धारा में डुबकी लगाने आए थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। लापता होने की खबर मिलते ही घाट पर मौजूद महिलाओं और अन्य परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।

प्रशासन की सक्रियता और स्थानीय गोताखोरों की हिम्मत

घटना की सूचना मिलते ही नदी थाना के SHO सद्दाम हुसैन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही रुस्तमपुर थाना पुलिस और राघोपुर ब्लॉक के अंचल अधिकारी (CO) भी घटनास्थल पर पहुंचे।

SDRF की टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय गोताखोर गोलू और उसकी टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और बचाव कार्य में तेजी लाने की मांग की।

SDRF की देरी पर उठा गुस्सा, सर्च ऑपरेशन जारी

हादसे के बाद प्रशासन पर लापरवाही के आरोप भी लगे। बताया जा रहा है कि घटना के करीब 5 घंटे बाद SDRF की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान पीड़ित परिवार की महिलाएं नदी किनारे बैठकर अपने बच्चों की सलामती की दुआएं मांगती रहीं। शाम करीब 6 बजे तक SDRF और स्थानीय गोताखोरों ने मिलकर गंगा की लहरों में निशांत और मानसी की तलाश की, लेकिन अंधेरा होने और पानी का बहाव तेज होने के कारण सफलता हाथ नहीं लगी।

सावधानी ही बचाव है

कच्ची दरगाह और फतुहां के गंगा घाटों पर पहले भी इस तरह के हादसे होते रहे हैं। पीपा पुल के पास अक्सर पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जो स्नान करने वालों के लिए जानलेवा साबित होता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गहरे पानी में न जाएं और केवल सुरक्षित घाटों का ही उपयोग करें। फिलहाल, लापता भाई-बहन की तलाश के लिए मंगलवार सुबह से पुनः बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।

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