BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना के दीघा इलाके से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ महज 8 महीने पहले ब्याही गई आसमा खातून की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुराल वालों ने गुपचुप तरीके से शव को दफना भी दिया था, लेकिन एक व्हाट्सएप वीडियो ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
कब्र खोदकर निकाला गया शव
परिजनों के गंभीर आरोपों और पुलिस की मुस्तैदी के बाद, दफनाने के दो दिन बाद कार्यपालक दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) की मौजूदगी में आसमा के शव को कब्र से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए PMCH भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ हो पाएगा कि आसमा की हत्या गला घोंटकर की गई, जहर देकर या मारपीट के कारण उसकी जान गई।
व्हाट्सएप वीडियो से खुला राज
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब 26 फरवरी 2026 को मृतका के मायके वालों को व्हाट्सएप पर एक वीडियो मिला। इस वीडियो में आसमा के साथ ससुराल वाले बेरहमी से मारपीट कर रहे थे। जब परिजनों ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें बात नहीं करने दी गई। बाद में पता चला कि आसमा की मौत हो गई है और उसे दफनाया जा चुका है। इसी पुख्ता सबूत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
पति गिरफ्तार: तीन शादियों का खुलासा
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति मोहम्मद तौफीक को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि तौफीक ने अब तक तीन शादियां की हैं और मृतका आसमा उसकी दूसरी पत्नी थी। पुलिस अब तौफीक के पिछले रिकॉर्ड और अन्य पत्नियों के साथ उसके व्यवहार की भी जांच कर रही है।
दहेज के लिए प्रताड़ना का आरोप
मृतका के मामा, मोहम्मद ऐनुल हक (निवासी पटना सिटी) के बयान पर दीघा थाने में दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। परिजनों का आरोप है कि 20 जुलाई 2025 को हुई शादी के बाद से ही तौफीक और उसके घरवाले आसमा को कीमती सामान और नकदी के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
प्रशासनिक सतर्कता
दीघा थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि मजिस्ट्रेट की तैनाती में शव को कब्र से निकालकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई है। फिलहाल मुख्य आरोपी गिरफ्त में है और परिवार के अन्य नामजद सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है। यह घटना समाज में व्याप्त दहेज जैसी कुरीति के भयावह चेहरे को दर्शाती है, जहाँ चंद रुपयों के लिए एक विवाहिता की जिंदगी खत्म कर दी गई।