पटना सिटी में बिजली व्यवस्था होगी दुरुस्त! 1.28 लाख उपभोक्ताओं के लिए नए उपकेंद्र और हाई कैपेसिटी ट्रांसफार्मर लगाने का काम शुरू

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पटना। रसोई गैस की बढ़ती किल्लत के बीच अब लोगों का रुझान तेज़ी से बिजली से चलने वाले चूल्हों की ओर हो रहा है। इस बदलाव के कारण पटना सिटी और आसपास के इलाकों में बिजली की मांग में अचानक इज़ाफा हो गया है। इस बढ़ती माँग को देखते हुए बिजली विभाग ने अपनी तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं और 1.28 लाख उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा और महत्वाकांक्षी प्लान तैयार किया है।

विद्युत आपूर्ति प्रमंडल गुलजारबाग और पटना सिटी में नई व्यवस्था विकसित की जा रही है। साथ ही पुराने और कमज़ोर पड़ चुके बुनियादी ढाँचे को भी तेज़ी से सुदृढ़ किया जा रहा है।


तीन महीने में तैयार होंगे दो नए उपकेंद्र

इस योजना के तहत महेंद्रू स्थित एससीईआरटी परिसर और रानीपुर में दो नए विद्युत उपकेंद्र यानी पावर सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं। बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता के अनुसार, ये दोनों उपकेंद्र तीन महीने के भीतर पूरी तरह तैयार हो जाएंगे। इनके चालू होते ही आसपास के हज़ारों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और बिजली कटौती की समस्या में काफी कमी आएगी।


पटना सिटी में 400 ट्रांसफार्मर, 18 को किया जा रहा अपग्रेड

पटना सिटी प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता शिव शंकर प्रसाद ने बताया कि फिलहाल करीब 63 हज़ार उपभोक्ताओं को पाँच उपकेंद्रों के माध्यम से 400 ट्रांसफार्मरों से बिजली आपूर्ति की जा रही है। इन ट्रांसफार्मरों में से 200 केवीए क्षमता वाले 18 पुराने ट्रांसफार्मरों को हटाकर उनकी जगह 315 केवीए क्षमता वाले नए और ताकतवर ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं।

अब तक इनमें से आठ ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं, जबकि बाकी दस लगाने की प्रक्रिया तेज़ी से जारी है। इसके अलावा, हटाए गए ट्रांसफार्मरों में से छह को नई जगहों पर पुनः स्थापित किया जा चुका है और शेष 12 के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं।

पटना सिटी प्रमंडल के अंतर्गत कटरा, कर्मलीचक, मालसलामी, मंगल तालाब और एसजीजीएस अस्पताल परिसर में उपकेंद्र संचालित हैं, जो इस पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की रीढ़ हैं।


गुलजारबाग में 520 ट्रांसफार्मर, 35 जगहों पर अपग्रेडेशन जारी

वहीं गुलजारबाग प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सज्जाद अंसारी ने बताया कि यहाँ सात उपकेंद्रों के ज़रिए करीब 65 हज़ार उपभोक्ताओं को 520 ट्रांसफार्मरों से बिजली दी जा रही है। इस प्रमंडल में भी 35 स्थानों पर 200 केवीए के पुराने ट्रांसफार्मरों को हटाकर 315 केवीए के नए ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। इनमें से 15 ट्रांसफार्मर पहले से स्थापित हो चुके हैं, जबकि बाकी 20 पर काम जारी है।

गुलजारबाग प्रमंडल में अगमकुआं (एनएमसीएच), गायघाट डंका इमली, गायघाट राजकीय महिला महाविद्यालय के पास, गुलजारबाग प्रेस, बकरी मंडी बाजार समिति, मीनाबाजार और भद्रघाट में उपकेंद्र स्थापित हैं।


ज़मीन उपलब्धता बनी चुनौती, जनता से माँगा सहयोग

हालाँकि इस पूरी योजना को अमल में लाने में एक बड़ी चुनौती भी सामने आ रही है। कई जगहों पर पोल लगाने के लिए ज़मीन की उपलब्धता एक बड़ी बाधा बन रही है। इस संदर्भ में कार्यपालक अभियंता सज्जाद अंसारी ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे इस काम में सहयोग करें, क्योंकि इस पूरी व्यवस्था का सीधा लाभ आम उपभोक्ताओं को ही मिलने वाला है।


क्यों ज़रूरी है यह काम?

गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और अनुपलब्धता के चलते बड़ी संख्या में घरेलू उपभोक्ता अब इंडक्शन चूल्हे और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे उपकरणों पर निर्भर होते जा रहे हैं। इससे बिजली की खपत पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है। अगर बुनियादी ढाँचे को समय रहते मज़बूत नहीं किया गया, तो आने वाले गर्मियों के मौसम में बिजली कटौती और ट्रांसफार्मर फेल होने की समस्या और गंभीर हो सकती है।

ऐसे में बिजली विभाग का यह कदम दूरदर्शिता और समयबद्ध योजना का एक अच्छा उदाहरण है।


आगे क्या?

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आने वाले महीनों में 53 में से 21 आपूर्ति ट्रांसफार्मर पहले से लगाए जा चुके हैं और शेष को भी जल्द से जल्द स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए उपकेंद्रों के तैयार होने और ट्रांसफार्मरों के अपग्रेड होने के बाद पटना सिटी और गुलजारबाग क्षेत्र के 1.28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को एक बेहतर, स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।

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