BNT Desk: बिहार की राजनीति में अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। अक्सर पूजा-पाठ के नाम पर होने वाले आडंबर और पाखंड के खिलाफ बोलने वाले पप्पू यादव का आज एक अलग ही रूप देखने को मिला। वैशाली के बिदुपुर (खपुरा गाँव) में माँ काली मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर उन्होंने न केवल माता के जयकारे लगाए, बल्कि खुद पंडित जी को बुलाकर विधि-विधान से पूजा भी की। लेकिन इस भक्ति के बीच उनका सियासी तेवर कम नहीं हुआ; उन्होंने साफ़ कहा कि आज के दौर में सत्ता में बैठे लोगों से बेटियों को बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
सत्ता के गलियारों में हलचल, अपराधियों के ‘संरक्षक’ पर हमला
सांसद पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में बेटियां बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार अपराधियों की संरक्षक बनी हुई है। पप्पू यादव के मुताबिक, “हैरानी की बात यह है कि अब बेटियों को सिर्फ बाहरी गुंडों से ही नहीं, बल्कि सत्ता की कुर्सी पर बैठे उन रसूखदार नेताओं और अधिकारियों से भी बचाना होगा जो कानून को अपनी जेब में रखते हैं।” उनके इस बयान ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है।
धर्म सिर्फ दिखावा नहीं, अन्याय के खिलाफ लड़ने का साहस है
टीवी डिबेट्स में अक्सर बाबाओं और कर्मकांडों पर सवाल उठाने वाले पप्पू यादव ने आज भक्ति की नई परिभाषा दी। उन्होंने कहा कि असली धर्म मंदिर में माथा टेकना या आडंबर करना नहीं, बल्कि गरीबों और शोषितों की मदद करना है। माँ काली अन्याय के विनाश का प्रतीक हैं, लेकिन बिहार में अन्याय को खुला सरकारी संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आरोपी रसूखदार होता है, तो पुलिस के हाथ बंध जाते हैं, जो कि ‘जंगलराज’ की निशानी है।
भंडारे में सेवा और जनता से एकजुट होने की अपील
कार्यक्रम के दौरान पप्पू यादव ने खुद भंडारे में मौजूद श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा और लोगों से सीधा संवाद किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बेटियों के सम्मान की रक्षा करना ही सच्ची भक्ति और सच्ची राजनीति है। सांसद ने जनता से अपील की कि वे अन्याय के खिलाफ चुप न बैठें और अपनी आवाज बुलंद करें। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक बिहार की एक भी बेटी असुरक्षित महसूस करेगी, उनका संघर्ष जारी रहेगा।