BNT Desk: पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने मंगलवार को लोकसभा में NDA सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ‘रिपीलिंग एंड अमेंडमेंट बिल’ पर अपनी बात रखते हुए बिहार से जुड़े कई बड़े मुद्दे उठाए। उनकी मुख्य मांग बिहार के लोगों के लिए थी—उन्होंने कहा कि पटना के अलावा पूर्णिया में भी हाई कोर्ट की एक और बेंच (शाखा) खोली जानी चाहिए। उनका तर्क है कि इससे केस जल्दी निपटेंगे और दूर-दराज के लोगों को सुविधा मिलेगी।
इंडिगो औ पूंजीपतियों पर सवाल
पप्पू यादव ने हाल के इंडिगो एयरलाइंरस संकट को भी उठाया, जब देश भर में यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि क्या इंडिगो के मालिकों पर कोई कार्रवाई या जुर्माना लगाने का कानून है? उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े पूंजीपति देश के आम लोगों के साथ खिलवाड़ करते हैं और उनके मनमानी पर लगाम लगाने के लिए कोई मजबूत कानून नहीं है।
बुलडोजर एक्शन और भ्रष्टाचार
सांसद ने बिहार में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे बुलडोजर ऐक्शन और जमाबंदी में रिश्वतखोरी जैसे मामलों को भी सदन में रखा। उन्होंने कहा कि गरीबों को 5 डिसमिल ज़मीन भी नहीं मिल पाती, जबकि पूंजीपतियों को कौड़ियों के भाव में हज़ारों बीघा ज़मीन मिल जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस देश को नेता कम और नौकरशाह ज्यादा चला रहे हैं, जो देश को गुलाम बना देंगे। उनकी जवाबदेही तय करने के लिए सख्त कानून बनने चाहिए।
शिक्षा और स्वास्थ्य के निजीकरण पर चिंता
पप्पू यादव ने देश में शिक्षा और स्वास्थ्य के बढ़ते निजीकरण पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यूपी जैसे राज्यों में सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं और शिक्षकों की भर्ती ठीक से नहीं हो रही है। उन्होंने मांग की कि इस क्षेत्र को रेगुलेट करने के लिए एक बॉडी (नियामक संस्था) बनाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर मरे हुए मरीज़ों को भी ICU में रखकर पैसा वसूलते हैं, इन पर भी कानून बनना चाहिए।