बिहार विधानसभा में दिखा अलग-अलग रंग, हिंदी के साथ संस्कृत-उर्दू-अंग्रेजी में शपथ

यह शपथ ग्रहण समारोह बिहार की भाषाई विविधता और अनेकता का सुंदर उदाहरण बना। कई विधायकों ने अपनी मातृभाषाओं में शपथ ली, जिससे सदन में एक अनोखा माहौल बना। यह लोकतंत्र की ताकत और एकता की भावना को दर्शाता है कि अलग भाषाओं के बावजूद सब एक साथ हैं।

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BNT, Patna : बिहार विधानसभा का 18वां सत्र सोमवार से शुरू हो गया। इस सत्र में नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ग्रहण की। सबसे पहले मंत्रियों ने शपथ ली और उसके बाद सभी विधायकों को क्रमवार शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण का संचालन प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव द्वारा किया गया।

आज शपथ ग्रहण समारोह में विधायकों ने अपनी मातृभाषा में शपथ ली, जिससे बिहार की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता सामने आई। अधिकांश विधायकों ने हिंदी में शपथ ग्रहण की। इन विधायकों में प्रमुख हैं: तेजस्वी यादव, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, विजय चौधरी, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडे, लेसी सिंह, नितिन नवीन, रामकृपाल यादव, सुनील कुमार, मोहम्मद जमां खान, संजय सिंह, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, श्रेयसी सिंह, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह, प्रेम कुमार।

सबसे युवा विधायक मैथिली ठाकुर ने शपथ मैथिली भाषा में ली। इसके अलावा, रमा निषाद ने अपनी शपथ भोजपुरी में ली, तारकिशोर प्रसाद संग कई अन्य विधायकों ने शपथ संस्कृत भाषा में ली वही विष्णु देव पासवान ने अंग्रेजी भाषा में अपना शपत ग्रहण किया। इस प्रकार, विधानसभा में हिंदी, मैथिली और भोजपुरी, संस्कृत, अंग्रेजी भाषाओं का मिश्रण देखने को मिला, जिसने सदन में सांस्कृतिक विविधता को उजागर किया।

इस शपथ ग्रहण समारोह ने न केवल विधायकों का स्वागत किया, बल्कि यह भी दिखाया कि बिहार की नई विधानसभा में भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को महत्व दिया जा रहा है। सभी विधायकों ने हाथ जोड़कर और ईमानदारी से राज्य और जनता की सेवा का संकल्प लिया। यह दिन बिहार विधानसभा और नई सरकार के लिए ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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