BNT Desk: बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य के बुजुर्गों को एक बड़ा तोहफा दिया है। अब 80 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को अपनी जमीन, मकान या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए सरकारी दफ्तरों की भागदौड़ नहीं करनी होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को ‘सात निश्चय-2’ के तहत यह ऐतिहासिक घोषणा की है। इस नई व्यवस्था से अब बुजुर्गों के दरवाजे पर ही रजिस्ट्री की सभी सुविधाएं पहुंचा दी जाएंगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
अक्सर देखा जाता है कि बढ़ती उम्र और खराब सेहत की वजह से बुजुर्गों के लिए रजिस्ट्री ऑफिस जाना और वहां घंटों इंतजार करना बहुत मुश्किल हो जाता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर इस समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को रजिस्ट्री के काम में काफी कठिनाइयां होती हैं। उनकी इस परेशानी को समझते हुए ही सरकार ने इस प्रक्रिया को बिल्कुल सरल बनाने का फैसला किया है।
कैसे मिलेगी यह सुविधा?
इस नई योजना के तहत, अगर परिवार में कोई बुजुर्ग अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री करना चाहता है, तो सरकारी कर्मचारी खुद उनके घर आएंगे। निबंधन (रजिस्ट्री) से जुड़ी सारी कागजी कार्रवाई और बायोमेट्रिक प्रक्रिया घर पर ही पूरी की जाएगी। इससे न केवल बुजुर्गों का समय बचेगा, बल्कि उन्हें शारीरिक कष्ट और मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिलेगी।
जल्द लागू होगी नई व्यवस्था
सरकार ने साफ किया है कि इस सुविधा को जल्द ही पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाएगा। बुजुर्गों के लिए यह कदम बेहद राहत भरा माना जा रहा है। अब उन्हें दलालों के चक्कर काटने या भीड़भाड़ वाले दफ्तरों में लाइन लगाने की जरूरत नहीं होगी। नीतीश सरकार का यह फैसला ‘सुशासन’ की दिशा में एक और बड़ा कदम है, जिससे सीधे तौर पर राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान और सुविधा मिलेगी।