BNT Desk: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के तीसरे चरण के तहत मंगलवार को सुपौल पहुँचे। यहाँ उन्होंने न केवल करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का उपहार दिया, बल्कि विपक्ष, विशेषकर लालू-राबड़ी के शासनकाल पर तीखा हमला भी बोला।
सुपौल को मिली 569 करोड़ की 213 योजनाएं
मुख्यमंत्री ने सुपौल में कुल 569.36 करोड़ रुपये की लागत वाली 213 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें 434.46 करोड़ की 84 नई योजनाओं की आधारशिला रखी गई, जबकि 134.89 करोड़ की 129 तैयार योजनाओं का लोकार्पण किया गया। नीतीश कुमार ने कहा कि इन परियोजनाओं से कोसी क्षेत्र की बुनियादी संरचना और अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
“पहले शाम को बाहर नहीं निकलते थे लोग”
पुराने शासनकाल की याद दिलाते हुए सीएम ने कहा कि 2005 से पहले बिहार में अराजकता का माहौल था। उन्होंने कटाक्ष किया, “पहले की सरकार में क्या काम होता था, यह सबको पता है। शाम होते ही लोग डर के मारे घरों से बाहर नहीं निकलते थे। न बिजली थी, न पढ़ाई और न ही स्वास्थ्य की कोई व्यवस्था।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके आने के बाद ही हिंदू-मुस्लिम के झगड़े बंद हुए और राज्य में शांति स्थापित हुई।
केंद्र का साथ और बजट 2025 का जिक्र
नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की। उन्होंने बताया कि बजट 2025 में बिहार के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसमें मखाना बोर्ड की स्थापना और नए एयरपोर्ट का विकास शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन कदमों से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मंच पर एकजुटता और समृद्धि यात्रा का शेड्यूल
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने मंत्रियों का हाथ उठाकर जनता का अभिवादन किया और बिहार के उज्ज्वल भविष्य का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री 14 मार्च तक सीमांचल और कोसी के विभिन्न जिलों (किशनगंज, अररिया, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय और शेखपुरा) का दौरा करेंगे।