नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद क्या बदलेगी सरकार की तस्वीर? जानें कौन बनेगा मुख्यमंत्री और क्या होगा कैबिनेट का स्वरूप?

नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा मुख्य दावेदार माने जा रहे हैं। एनडीए की नई सरकार में 32 मंत्रियों का कैबिनेट बन सकता है।

BNT
By
3 Min Read

BNT Desk: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही लगभग तय हो गया है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और बिहार में नया मुख्यमंत्री बनेगा। हालांकि फिलहाल बीजेपी और जेडीयू इस बदलाव को जल्दबाजी में करने के मूड में नहीं हैं।

कब तक बनेगी नई सरकार

सरकारी सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 16 मार्च तक चलेगी और 9 अप्रैल के बाद नए सांसद शपथ लेंगे। यानी अभी लगभग एक महीने का समय है। इस दौरान पहले बीजेपी और जेडीयू अलग-अलग अपने विधायक दल की बैठक करेंगे और नेता चुनेंगे। इसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री का नाम तय होगा। इसके बाद नीतीश कुमार इस्तीफा देंगे और नया नेता सरकार बनाने का दावा पेश करेगा। बीजेपी सूत्रों का कहना है कि रामनवमी (26 मार्च) तक नई सरकार का गठन हो सकता है।

32 मंत्रियों वाली फुल फ्लैज्ड सरकार

नई एनडीए सरकार इस बार 32 मंत्रियों के साथ बन सकती है। सूत्रों के अनुसार मंत्री पदों का बंटवारा इस तरह हो सकता है—

  1. 14 मंत्री बीजेपी से
  2. 14 मंत्री जेडीयू से
  3. 2 मंत्री एलजेपी (आर) से
  4. 1-1 मंत्री HAM और RLM से

दोनों दलों की कोशिश रहेगी कि कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में मौका दिया जाए।

स्पीकर और गृह विभाग पर खींचतान

जेडीयू ने विधानसभा स्पीकर और गृह विभाग पर दावा जताया है। उनका तर्क है कि अभी मुख्यमंत्री जेडीयू का है और स्पीकर बीजेपी का। लेकिन बीजेपी इन दोनों पदों को अपने पास रखना चाहती है। खासकर गृह विभाग को लेकर पार्टी किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करना चाहती।

मुख्यमंत्री पद के दो बड़े दावेदार

1. सम्राट चौधरी

मौजूदा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। वे कोइरी समाज से आते हैं और बिहार की राजनीति में कुर्मी-कोइरी यानी “लव-कुश” समीकरण को मजबूत कर सकते हैं। संगठन और सरकार दोनों में उनका लंबा अनुभव है।

2. विजय सिन्हा

दूसरे दावेदार डिप्टी सीएम विजय सिन्हा हैं। वे संघ पृष्ठभूमि के नेता हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। मंत्री, स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष रहने का उन्हें अच्छा प्रशासनिक अनुभव है।

जेडीयू से डिप्टी सीएम के संभावित नाम

अगर बीजेपी का मुख्यमंत्री बनता है तो जेडीयू से दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इसमें निशांत कुमार (नीतीश कुमार के बेटे) और विजय चौधरी के नाम की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है। विजय चौधरी को नीतीश कुमार का सबसे भरोसेमंद नेता माना जाता है।

Share This Article