BNT Desk: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों एक अलग ही तेवर में नजर आ रहे हैं। राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद, जब सियासी गलियारों में उनके इस्तीफे और नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हैं, तब नीतीश कुमार जमीन पर उतरकर विकास कार्यों की रफ्तार नाप रहे हैं।
विदाई से पहले विकास पर जोर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को अचानक पटना की सड़कों पर निकले। उनके राज्यसभा जाने की खबरों के बीच यह माना जा रहा है कि वे अपनी कुर्सी छोड़ने से पहले राज्य में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देना चाहते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने पटना में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया।
पटना घाट और मालसलामी इलाके का दौरा
नीतीश कुमार अधिकारियों के लाव-लश्कर के साथ पटना घाट संपर्क पथ और मालसलामी-मारूफगंज के इलाकों में पहुंचे। उन्होंने वहां सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी से जुड़े कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में लगे इंजीनियर्स और वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि काम की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो और इसे तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
अधिकारियों के बीच खलबली
मुख्यमंत्री के इस औचक निरीक्षण से प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। नीतीश कुमार ने खुद मौके पर खड़े होकर नक्शों का मिलान किया और जमीनी हकीकत जानी। उनके साथ मुख्य सचिव और पथ निर्माण विभाग के तमाम बड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। राजनीति के जानकारों का कहना है कि नीतीश कुमार यह संदेश देना चाहते हैं कि भले ही उनकी भूमिका बदलने वाली हो, लेकिन बिहार के विकास की गति धीमी नहीं होनी चाहिए।