BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना में रहने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। शहर की खूबसूरती बिगाड़ने वाले बिजली के लटकते तारों और पुराने खंभों से अब जल्द ही छुटकारा मिलने वाला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में ‘अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई’ के बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी गई है। इस फैसले के बाद अब पटना के घरों में बिजली की सप्लाई जमीन के नीचे बिछी केबलों के जरिए की जाएगी। यह फैसला शहर को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कितना आएगा खर्च और कौन उठाएगा इसका बोझ?
इस पूरी महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने 653 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट का पूरा खर्चा बिहार सरकार अकेले नहीं उठाएगी। इसमें केंद्र सरकार की तरफ से 60 फीसदी यानी आधे से ज्यादा रकम दी जाएगी, जबकि बाकी की 40 फीसदी राशि बिहार सरकार अपने बजट से खर्च करेगी। पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग (PESU) के अंतर्गत आने वाले कुल 13 प्रमंडलों में यह काम शुरू किया जाएगा, जिससे शहर के एक बड़े हिस्से को कवर किया जा सके।
अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई से आपको क्या होगा फायदा?
अब सवाल यह है कि इस योजना से आम जनता को क्या लाभ मिलेगा? सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आंधी-तूफान या बारिश के मौसम में जो अक्सर बिजली कट जाती है, उस समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। जमीन के अंदर तार होने की वजह से शॉर्ट सर्किट और हादसों का खतरा भी ना के बराबर हो जाएगा। साथ ही, संकरी गलियों और व्यस्त चौराहों पर लटकते तारों के हटने से रास्ता साफ होगा और शहर पहले से कहीं ज्यादा सुंदर नजर आएगा। इससे बिजली चोरी पर भी लगाम लगेगी, जिससे बिजली विभाग का नुकसान कम होगा।
कैबिनेट बैठक में और क्या हुआ?
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस कैबिनेट मीटिंग में सिर्फ बिजली ही नहीं, बल्कि विकास के कई और मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक में कुल 41 एजेंडों को मंजूरी दी गई है, जिनमें पटना की यह भूमिगत केबलिंग परियोजना सबसे प्रमुख रही। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल पटना के लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि बिहार की राजधानी भी अब दुनिया के आधुनिक शहरों की कतार में खड़ी नजर आएगी। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस काम की शुरुआत किस इलाके से की जाती है।