नीतीश कैबिनेट की अहम बैठक, सात निश्चय–3 को मिली मंजूरी

बिहार सरकार ने सात निश्चय–3 को मंजूरी दी है। योजना के तहत रोजगार बढ़ाने, उद्योग और कृषि को मजबूत करने, शिक्षा-स्वास्थ्य सुधारने और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर होगा। अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।

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BNT Desk: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज राज्य कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में यह बैठक सुबह 11:30 बजे शुरू हुई। बैठक में नौकरी, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया गया।

नई सरकार की तीसरी कैबिनेट बैठक

नई सरकार के गठन के बाद यह कैबिनेट की तीसरी बैठक थी। इस बैठक पर लोगों की खास निगाहें टिकी थीं, क्योंकि इसमें युवाओं, रोजगार और विकास योजनाओं को लेकर बड़े फैसलों की संभावना जताई जा रही थी। बैठक में सभी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पिछली बैठक के अहम फैसले

9 दिसंबर को हुई पिछली कैबिनेट बैठक में कुल 19 एजेंडों को मंजूरी दी गई थी। उस बैठक में 45 मौजूदा विभागों के साथ 3 नए विभाग बनाए गए थे, जिससे बिहार में विभागों की संख्या बढ़कर 48 हो गई। इसे बड़ा प्रशासनिक सुधार माना गया।

युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग पर जोर

नए गठित युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग को स्वतंत्र विभाग बनाया गया है। पहले यह श्रम संसाधन विभाग के अंतर्गत था। सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण के बेहतर अवसर देना है। इससे कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है।

सात निश्चय पार्ट–3 को मंजूरी

कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘सात निश्चय पार्ट–3’ की औपचारिक घोषणा की। इस योजना के तहत उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास को गति देने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं।

सात निश्चय–3 के प्रमुख बिंदु:

1. दोगुना रोजगार–दोगुनी आय

इस निश्चय का उद्देश्य बिहार के लोगों की औसत आय को दोगुना करना है। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं और काम बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी। 94 लाख गरीब परिवारों को रोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य है। इसके लिए युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग बनाया गया है।

2. समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार

राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तीन उच्चस्तरीय समितियां बनाई गई हैं। लक्ष्य है बिहार को टेक हब बनाना और निजी निवेश बढ़ाना। सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे। अगले 5 वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य रखा गया है। बंद पड़ी 9 चीनी मिलें चालू होंगी और 25 नई चीनी मिलें लगेंगी।

3. कृषि में प्रगति–प्रदेश की समृद्धि

किसानों की आय बढ़ाने के लिए चौथे कृषि रोडमैप पर तेजी से काम होगा। मखाना, डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। हर गांव में दुग्ध समितियां और हर पंचायत में सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

4. उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य

राज्य में अलग उच्च शिक्षा विभाग बनाया गया है। पुराने बड़े शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा और नई एजुकेशन सिटी का निर्माण होगा।

5. सुलभ स्वास्थ्य–सुरक्षित जीवन

प्रखंड स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशियलिटी अस्पताल और जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। नए मेडिकल कॉलेजों में बेहतर पढ़ाई और इलाज पर जोर होगा। ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

6. मजबूत आधार–आधुनिक विस्तार

शहरों का विस्तार, सस्ते आवास, 5 नए एक्सप्रेस-वे और ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। बिजली ढांचे को मजबूत किया जाएगा और सोलर पैनल को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन, फिल्म सिटी और स्पोर्ट्स सिटी का विकास किया जाएगा।

7. सबका सम्मान–जीवन आसान

तकनीक, नवाचार और सुशासन के जरिए लोगों का जीवन आसान बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है।

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