BNT Desk: बिहार में उद्योग लगाने की रफ्तार अब पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ हो गई है। उद्योग वार्ता कार्यक्रम के दूसरे दिन देशभर के 32 निवेशक पटना पहुँचे और राज्य में निवेश के कई बड़े प्रस्ताव दिए। इन प्रस्तावों में ई-बस फैक्ट्री, रोबोटिक सर्जरी सेंटर और हाई-टेक उद्योग जैसे आधुनिक प्रोजेक्ट शामिल हैं। अगर ये योजनाएँ आगे बढ़ती हैं, तो आने वाले वर्षों में राज्य में हज़ारों नई नौकरियाँ पैदा हो सकती हैं।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की पहल से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
उद्योग वार्ता में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने निवेशकों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उन्हें हर स्तर पर मदद देगी। उन्होंने कहा कि गंभीर निवेशकों के साथ सरकार सीधे काम करेगी। जहाँ ज़रूरत होगी, नई नीतियाँ लाई जाएँगी और जहाँ आवश्यकता होगी, पुरानी नीतियों में संशोधन किया जाएगा। उनका कहना था कि बिहार को एक मजबूत औद्योगिक हब बनाने का लक्ष्य है और इसके लिए तेज़ फैसले लिए जाएँगे।
बिहार से जुड़े निवेशकों ने जताई वापसी की इच्छा
इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि निवेशकों में बड़ी संख्या उन्हीं लोगों की थी जो मूल रूप से बिहार के हैं। उन्होंने कहा कि वे वापस अपने राज्य में उद्योग लगाना चाहते हैं, ताकि यहाँ के युवाओं को रोजगार मिले और पलायन कम हो। उनका मानना है कि बिहार के युवाओं में कौशल, सोच और क्षमता किसी भी राज्य से कम नहीं है। बस उद्योग बढ़ेंगे तो रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
साफ-सुथरी प्रक्रिया के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म
बैठक में भूमि आवंटन या अनुमति से जुड़े मामले भी उठे। मुख्य सचिव ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। उद्योग वार्ता कार्यक्रम का उद्देश्य निवेशकों को बिना देरी, बिना भ्रम और बिना चक्कर के समाधान प्रदान करना है।
उद्योगों से बदलेगी बिहार की तस्वीर
कुल मिलाकर, उद्योग वार्ता में मिले 32 बड़े प्रस्तावों ने बिहार के औद्योगिक भविष्य के लिए नई उम्मीद जगाई है। यदि ये प्रोजेक्ट आगे बढ़ते हैं, तो बड़े उद्योग, नई तकनीक और रोजगार के अनेक अवसर बिहार की आर्थिक तस्वीर को नया रूप देंगे।