BNT Desk: बिहार सरकार ने शिक्षकों के तबादले से जुड़ी नई नीति तैयार कर ली है, जो साल 2026 से लागू होगी। इस नीति का मुख्य उद्देश्य है—पूरी प्रक्रिया को पूर्ण रूप से ऑनलाइन करना, ताकि किसी तरह की अनियमितता, पक्षपात या देरी न हो। नई व्यवस्था के शुरू होने से करीब 6 लाख शिक्षक इसका लाभ उठा सकेंगे।
मनचाही पोस्टिंग का मौका, प्रक्रिया होगी आसान
नई नीति के तहत शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल या क्षेत्र का चयन ऑनलाइन कर सकेंगे। यह प्रक्रिया काफी सरल बनाई गई है ताकि हर शिक्षक बिना किसी दिक्कत के अपने विकल्प चुन सके। पहले शिक्षक को कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब घर बैठे ही पूरा आवेदन हो सकेगा। इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी और समय की बचत भी होगी।
5 साल से पहले नहीं होगा तबादला
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी शिक्षक का कम से कम पाँच साल पूरा किए बिना तबादला नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि स्कूलों में शिक्षण का काम बाधित न हो और एक शिक्षक लंबे समय तक एक ही जगह पर रहकर पढ़ाई की निरंतरता बनाए रख सके। इससे छात्रों की पढ़ाई पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
सभी श्रेणियों के शिक्षक एक ही नियम में आएंगे
अब तक अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षकों के लिए अलग नियम लागू होते थे, जिससे भ्रम की स्थिति बनती थी। नई नीति में सभी क़िस्म के शिक्षक—प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक—एक ही प्रक्रिया के तहत तबादले के लिए आवेदन करेंगे। इससे नियमों की समानता बढ़ेगी और प्रणाली अधिक व्यवस्थित बनेगी।
तबादला प्रक्रिया बनेगी पारदर्शी और व्यवस्थित
सरकार का कहना है कि नई नीति से पूरी प्रक्रिया अधिक निर्मल, पारदर्शी और जवाबदेह होगी। ऑनलाइन सिस्टम में हर आवेदन का रिकॉर्ड रहेगा, जिसकी निगरानी भी आसानी से की जा सकेगी। उम्मीद है कि इससे शिक्षकों की पुराने सिस्टम वाली समस्याएँ काफी कम हो जाएँगी और शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।