BNT Desk: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अफसरशाही में बड़ा बदलाव शुरू कर दिया है। सत्ता संभालते ही ट्रांसफर-पोस्टिंग का दौर तेज हो गया। शुक्रवार को 35 अधिकारियों का तबादला किया गया, जिसके बाद अब तक कुल 51 आईएएस अफसरों की पोस्टिंग बदली जा चुकी है। इससे पहले 8 दिसंबर को भी बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल हुआ था। सरकार का साफ संदेश है कि अब शासन पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगा।
परफॉर्मेंस पर फोकस
यह बदलाव सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्ता के पावर सेंटर तक पहुंचा है। कई वरिष्ठ अधिकारियों की कुर्सियां बदली गई हैं और संवेदनशील जिलों में नए जिलाधिकारियों की तैनाती की गई है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब भरोसे और काम के आधार पर जिम्मेदारी मिलेगी।
प्रमुख विभागों में अहम नियुक्तियां
सरकार की प्राथमिकताएं इन तबादलों से साफ दिखती हैं। के. सेंथिल कुमार को अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार देकर सामाजिक न्याय को मजबूती दी गई है। अभय कुमार सिंह को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का सचिव बनाया गया है और बेल्ट्रॉन व पटना मेट्रो रेल निगम की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इससे डिजिटल गवर्नेंस और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
खनन और ग्रामीण विकास जैसे अहम क्षेत्रों में भी बदलाव हुआ है। दिवेश सेहरा को खान एवं भू-तत्व विभाग का सचिव बनाया गया है। मयंक बरवड़े को योजना एवं विकास विभाग का सचिव बनाकर विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग मजबूत करने का संकेत दिया गया है। नगर विकास विभाग में संदीप कुमार आर. पुडकलकुट्टी को अहम जिम्मेदारी मिली है।
जिलों और अफसरों की नई जिम्मेदारी
तीन जिलों में डीडीसी बदले गए हैं और छह अनुमंडलों में नए एसडीओ तैनात किए गए हैं। आईएएस सुहर्ष भगत को स्वास्थ्य समिति से हटाकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग भेजा गया है। अनिल कुमार को आईपीआरडी का निदेशक, तुषार सिंगला को निदेशक मत्स्य, कुमार अनुराग को भवन निर्माण निगम का एमडी और विक्रम वीरकर को प्राथमिक शिक्षा का निदेशक बनाया गया है।