BNT Desk: नीट छात्रा की मौत के मामले में SIT ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जांच से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा कीं। सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार ने बताया कि सबसे पहले पीड़िता के परिवार से पूरे मामले की जानकारी ली गई। इसके बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले से जुड़े CCTV फुटेज जुटाए गए और फोरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजे गए। साथ ही गार्ड, वार्डन, छात्राएं, डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के बयान भी दर्ज किए गए।
कमरे से दवा बरामद, परिवार ने दी जानकारी
जांच के दौरान पीड़िता के कमरे से एक दवा बरामद की गई। परिवार ने पीड़िता के पांच कपड़े जांच के लिए दिए। परिवार ने यह भी बताया कि पीड़िता की उम्र 18 साल से कम थी। जांच में सामने आया कि पीड़िता ने अरवल मोड़ के पास एक दवा खरीदी थी, जब वह अपनी मां और भाई के साथ घर जा रही थी।
FIR दर्ज करने में देरी और कार्रवाई
पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि शुरुआत में परिवार एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाहता था। प्रभात मेमोरियल अस्पताल की सूचना के बाद मामला दर्ज किया गया। चित्रगुप्त नगर थाना की SHO की लापरवाही सामने आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
CCTV और फोरेंसिक जांच में क्या मिला
हॉस्टल से मिले CCTV फुटेज को FSL जांच के लिए भेजा गया। जांच में पता चला कि फुटेज से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है। CCTV के अनुसार पीड़िता 5 तारीख की रात दो बार कुछ मिनट के लिए कमरे से बाहर निकली थी। अगले दिन हॉस्टल गार्ड ने कमरा खोला था।
मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट में खुलासे
जांच में अस्पताल से लामा रिपोर्ट बरामद हुई। FSL जांच में पीड़िता के एक कपड़े से स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई है।
मामला CBI को सौंपा गया
IG पटना जितेंद्र राणा ने बताया कि CBI जांच को लेकर हाईकोर्ट में अपील की गई थी। इसके बाद सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंप दी है।