BNT Desk: बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच सफ़र करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। रक्सौल से हल्दिया पोर्ट तक बनने वाले छह लेन एक्सप्रेस-वे की तस्वीर अब साफ़ हो चुकी है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना मुजफ्फरपुर जिले के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है, क्योंकि यह जिले को पहला सिक्स लेन हाईवे देगा। ज़िले में इसकी लंबाई 50 किलोमीटर होगी, और यह मुजफ्फरपुर के कुल 5 प्रखंडों (मीनापुर, औराई, बोचहां, गायघाट और बंदरा) के 38 गांवों से होकर गुज़रेगा।
बंगाल का सफर होगा आसान, बचेगा 7 घंटे का समय
इस एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा फायदा यात्रा के समय में भारी कमी के रूप में दिखेगा। वर्तमान में रक्सौल से हल्दिया पोर्ट तक जाने में जो 15 घंटे के करीब लगते हैं, वे घटकर अब सिर्फ 8 से 10 घंटे रह जाएंगे। इससे सीधे तौर पर 7 घंटे तक के समय की बचत होगी। यह एक्सप्रेस-वे न सिर्फ हल्दिया पोर्ट तक तेज़ कनेक्टिविटी देगा, बल्कि नेपाल सीमा (रक्सौल) तक आवागमन को भी बेहद सुगम बना देगा। इस बदलाव से व्यापार और लोगों के आने-जाने में बहुत सुविधा मिलेगी।
इन 11 जिलों को होगा फायदा
यह एक्सेस कंट्रोल्ड (पहुंच-नियंत्रित) एक्सप्रेस-वे बिहार के कुल 11 जिलों को लाभ पहुंचाएगा। यह रक्सौल से शुरू होकर पूर्वी चंपारण, शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, जमुई और बांका से गुज़रते हुए हल्दिया तक जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की औसत गति 100-120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रखी जा सकेगी, जिससे मुजफ्फरपुर से पश्चिम बंगाल की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई शुरू
इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया ज़िले में शुरू हो चुकी है। एनएचएआई (NHAI) ने इसका रूट मैप (एलाइनमेंट) तय करके भू-अर्जन कार्यालय को जानकारी दे दी है और 38 गांवों में ज़मीन अधिग्रहण के लिए प्रस्ताव भी मांगा है। यह परियोजना न केवल यातायात को आसान बनाएगी, बल्कि इस पूरे क्षेत्र की आर्थिक रफ्तार को भी तेज़ करने में अहम भूमिका निभाएगी।