BNT Desk: मुज़फ़्फरपुर के मोतीपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी लेन-देन और धनशोधन के संदेह में कार चालक मो. जैद के घर छापेमारी की। ईडी की टीम ने सुबह करीब दो घंटे तक घर में तलाशी ली और परिवार से विस्तार से पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि जैद के नाम से बनाए गए बैंक खाते का उपयोग विदेश से रुपये भेजने और प्राप्त करने के लिए किया गया था। एजेंसी ने बैंक दस्तावेज़ों और लेन-देन की पूरी जानकारी जुटाई।
परिवार और स्थानीय बयानों का खुलासा
जायद की मां, मोमीना खातून, ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और जैद चार साल पहले ही कार चलाना शुरू किया था। मोमीना ने कहा कि कार मालिक मुन्ना पर 2021 में पाकिस्तान समेत कई देशों से पैसे मंगाने के आरोप लगे थे और वह हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आए हैं। उन्होंने संदेह जताया कि शायद मुन्ना या किसी अन्य व्यक्ति ने जैद के खाते का गलत इस्तेमाल किया हो। इस बयान से मामले की गंभीरता और संभावित जटिलता का पता चलता है।
ईडी की जांच का उद्देश्य
ईडी का मुख्य उद्देश्य विदेशी बैंक लेन-देन और धनशोधन से जुड़े मामलों की जाँच करना है। जैद के गैरमौजूद रहने के बावजूद एजेंसी ने उसे नोटिस जारी किया है और आगे की जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों ने खाते से जुड़े सभी दस्तावेज़ जब्त किए और बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी दर्ज की। यह कार्रवाई मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों में वित्तीय लेन-देन की निगरानी और जांच का हिस्सा मानी जा रही है।
संभावित प्रभाव और आगे की कार्रवाई
ईडी की यह कार्रवाई मोतीपुर और पूरे मुज़फ़्फरपुर जिले में चर्चा का विषय बन गई है। जांच यह स्पष्ट करने की कोशिश करेगी कि जैद के खाते का उपयोग किस प्रकार से किया गया और इसमें कौन जिम्मेदार है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कार्रवाई अन्य संदिग्ध मामलों के लिए भी चेतावनी का संदेश देती है। एजेंसी ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी कानूनी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।